फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Tehsil Bar supported the lawyers' strike, got the registry closed

Ghaziabad News: वकीलों की हड़ताल का तहसील बार ने किया समर्थन, बंद कराई रजिस्ट्री

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 13 Sep 2023 12:54 AM IST
विज्ञापन
Tehsil Bar supported the lawyers' strike, got the registry closed
गाजियाबाद। वकीलों की हड़ताल का तहसील बार ने समर्थन करने के साथ ही तहसील में रजिस्ट्री बंद करा दी। तहसील बार एसोसिएशन के सचिव विकास त्यागी ने कहा कि जब तक हमारी मांगे मानी नहीं जाती हैं, तब तक रजिस्ट्री का कार्य बंद रहेगा। तहसील बार से जुड़े अधिवक्ता भी कचहरी में आयोजित धरने में शामिल हुए। 16वें दिन की हड़ताल के दौरान कोई भी अधिवक्ता और मुंशी अदालत में पेश नहीं हुआ। कचहरी परिसर में एक टाइपिस्ट अर्जी टाइप करते हुए पाया गया। बार पदाधिकारियों ने उस पर जुर्माना लगा दिया।
विज्ञापन


मंगलवार को कचहरी में अधिवक्ताओं ने कामकाज पूरी तहर से बंद रखा। तहसील में कोषागार और रजिस्ट्री कार्यालय में काम बंद करा दिया। धरने पर बैठे वकीलों ने पुलिस एवं प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वादकारियों की संख्या भी बहुत कम रही। हालांकि अधिकांश वकील कचहरी में पहुंचे, लेकिन कई वकीलों के चैंबर भी ताला लटकता रहा।
विज्ञापन


हड़ताल से छोटे दुकानदारों की बढ़ी परेशानी
लगातार 16 दिन से चल रही हड़ताल के कारण वादकारियों के कचहरी में नहीं आने से छोटे दुकानदार और टाइपिस्ट परेशान हैं। कई छोटे दुकानदारों का कहना है कि घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। किसी के बच्चे के फीस नहीं जमा हो पा रही है तो किसी के घर में बीमार के इलाज में परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर का खर्च चलाना हुआ मुश्किल
मोदीनगर निवासी नीरज पांच साल से टाइपिंग का काम करते हैं। 16 दिन से चल रही हड़ताल के कारण वादकारी नहीं आ रहे हैं। कुछ काम चल भी रहा था तो बार ने हड़ताल के दौरान टाइपिंग पर प्रतिबंध लगा दिया। इससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।


होटल का भी नहीं निकल रहा है खर्च
सेक्टर 23 निवासी श्याम 40 वर्षों से होटल चला रहे हैं। श्याम का कहना है कि कचहरी में काम बंद होने से कारीगरों का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।

चायवाले सीताराम भी परेशान
कचहरी में चाय बेचने वाले सीताराम की भी चाय की बिक्री महज 20 फीसदी रह गई है। सीताराम ने बताया कि तीन लड़कों को चाय देने के लिए समय नहीं मिलता था। अब एक तीनों खाली बैठे हैं। सीताराम ने बताया जिस चेंबर पर दिन में 10 से 12 बार चाय जाती थी, वहां पर एक बार भी नहीं जा रही है।
-----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed