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Ghaziabad News: पोलियो वायरस अलर्ट के बाद आठ दिन में 31,100 घरों का सर्वे पूरा
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गाजियाबाद। विजयनगर क्षेत्र के डूडाहेड़ा सीवेज पंपिंग स्टेशन (एसटीपी) से लिए गए पानी के नमूने में वैक्सीन डिराइव्ड पोलियो वायरस (वीडीपीवी) मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाया गया घर-घर सर्वे अभियान बुधवार को पूरा हो गया। आठ दिन तक चले अभियान में 31,100 घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के 13,932 बच्चों की जांच की गई। अंतिम दिन कैलाभट्ठा क्षेत्र में 215 घरों और 102 बच्चों की जांच की गई।
नौ जून से शुरू हुए अभियान में जिले की 12 स्वास्थ्य इकाइयों की 107 टीमों को 1.51 लाख से अधिक आबादी वाले 30,384 घरों को कवर करने का लक्ष्य दिया गया था। अभियान के दौरान ऐसे बच्चों की पहचान की गई, जो पिछले पोलियो टीकाकरण अभियानों में खुराक लेने से वंचित रह गए थे।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में कुल 289 बच्चे ऐसे मिले, जो पिछले अभियान में टीकाकरण से छूट गए थे। वहीं, 378 बच्चों ने पिछले दो दौर में कम से कम एक खुराक नहीं ली थी, जबकि 146 बच्चों को दोनों दौर में पोलियो की कोई खुराक नहीं मिली थी। इसके विपरीत 12,786 बच्चों को दोनों दौर की सभी खुराकें मिली थीं।
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सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्रों में कैलाभट्ठा, खैराती नगर, मिर्जापुर, विजयनगर प्रथम और विजयनगर द्वितीय शामिल रहे। अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीमों ने 18,831 परिवारों तक पहुंच बनाई। सर्वे में खसरे के इतिहास वाले 21 घर, डिप्थीरिया का एक घर और एक एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस (एएफपी) का मामला भी चिह्नित किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, पांच जून को राज्य सर्विलांस यूनिट से सूचना मिलने के बाद जिला स्तर पर माइक्रोप्लान तैयार किया गया। आठ जून को राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय टीमों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई और चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद नौ जून से घर-घर सर्वे शुरू हुआ, जिसकी लगातार निगरानी राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), राज्य सर्विलांस यूनिट और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने की।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि सर्वे में चिह्नित सभी छूटे बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही आगामी पल्स पोलियो व नियमित टीकाकरण सत्रों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जिले में पोलियो वायरस के किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने बताया कि 28 जून से शुरू हो रहे पोलियो अभियान की निगरानी सर्विलांस विभाग की टीम करेगी। इसके लिए एमएमजी अस्पताल स्थित आईडीएसपी केंद्र में कंट्रोल रूम बनाया गया है।
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नौ जून से शुरू हुए अभियान में जिले की 12 स्वास्थ्य इकाइयों की 107 टीमों को 1.51 लाख से अधिक आबादी वाले 30,384 घरों को कवर करने का लक्ष्य दिया गया था। अभियान के दौरान ऐसे बच्चों की पहचान की गई, जो पिछले पोलियो टीकाकरण अभियानों में खुराक लेने से वंचित रह गए थे।
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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में कुल 289 बच्चे ऐसे मिले, जो पिछले अभियान में टीकाकरण से छूट गए थे। वहीं, 378 बच्चों ने पिछले दो दौर में कम से कम एक खुराक नहीं ली थी, जबकि 146 बच्चों को दोनों दौर में पोलियो की कोई खुराक नहीं मिली थी। इसके विपरीत 12,786 बच्चों को दोनों दौर की सभी खुराकें मिली थीं।
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सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्रों में कैलाभट्ठा, खैराती नगर, मिर्जापुर, विजयनगर प्रथम और विजयनगर द्वितीय शामिल रहे। अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीमों ने 18,831 परिवारों तक पहुंच बनाई। सर्वे में खसरे के इतिहास वाले 21 घर, डिप्थीरिया का एक घर और एक एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस (एएफपी) का मामला भी चिह्नित किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, पांच जून को राज्य सर्विलांस यूनिट से सूचना मिलने के बाद जिला स्तर पर माइक्रोप्लान तैयार किया गया। आठ जून को राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय टीमों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई और चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद नौ जून से घर-घर सर्वे शुरू हुआ, जिसकी लगातार निगरानी राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), राज्य सर्विलांस यूनिट और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने की।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि सर्वे में चिह्नित सभी छूटे बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही आगामी पल्स पोलियो व नियमित टीकाकरण सत्रों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जिले में पोलियो वायरस के किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने बताया कि 28 जून से शुरू हो रहे पोलियो अभियान की निगरानी सर्विलांस विभाग की टीम करेगी। इसके लिए एमएमजी अस्पताल स्थित आईडीएसपी केंद्र में कंट्रोल रूम बनाया गया है।