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Ghaziabad News: पांच साल से जर्जर सड़क से विद्यालय जाने को मजबूर विद्यार्थी
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टूटा हुआ सीकरोड मार्ग। संवाद
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित सिकरोड के निर्माण की मांग स्थानीय लोग पांच वर्षों कर रहे हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का निर्माण तो दूर अब तक उस पर पैचवर्क का कार्य तक नहीं किया गया है। ऐसे में पांच विद्यालयों के करीब 15 हजार विद्यार्थी जर्जर सड़क पर गहरे गड्ढों में हिचकोले खाकर विद्यालय जाने के लिए मजबूर हैं।
मेरठ रोड पर स्थित करीब एक किमी लंबा सिकरोड मार्ग जिला मुख्यालय से पांच किमी की दूरी पर स्थित है। मार्ग पर करीब पांच निजी विद्यालय डीपीएसजी मेरठ रोड, खेतान पब्लिक स्कूल, नारायणा ई टेक्नाे, संस्कार वर्ल्ड स्कूल और प्रेसीडियम स्कूल स्थित हैं। इन पांच विद्यालयों में करीब 15 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें अधिकारियों और राजनेताओं के बच्चे भी पढ़ते हैं। स्थिति यह है कि कई बार अपने बच्चों को स्कूल से लेने अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी स्वयं इसी जर्जर मार्ग से होकर आवागमन करते हैं। इसके बावजूद मार्ग की स्थिति पांच वर्ष बाद भी नहीं सुधर पाई है। बरसात की वजह से सड़क पर तीन फीट तक गहरे गड्ढे हैं। जल निकासी के लिए मार्ग के दोनों ओर कोई नाली या नाला भी नहीं है। ऐसे में धूप निकलने के बाद ही वर्षा का पानी सूखता है। इसके बाद सड़क की गड्ढों वाली समस्या नजर आती है। जलभराव की वजह से गहरे गड्ढों में गिरकर कई बार दुपहिया सवार भी चोटिल हो चुके हैं।
पांच साल से जर्जर अवस्था में है मार्ग
स्थानीय निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि मार्ग करीब पांच वर्षों से जर्जर है। इस मार्ग पर कभी भी किसी विभाग ने गड्ढे भरने और पैचवर्क का तक कार्य नहीं किया है।
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कई बार चोटिल हो चुके हैं दुपहिया सवार
शिक्षक अर्चना तेवतिया ने बताया कि उनका आवागमन स्कूल जाने के लिए रोजाना इसी मार्ग से होता है। कई बार उन्होंने खुद चोटिल हो चुके दुपहिया सवारों की मदद की है। मार्ग पर जरा सी चूक होने पर जान तक जा सकती है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रामराजा ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में लोक निर्माण विभाग की कोई सड़क नहीं है। यह जीडीए के अंतर्गत आती है। वहीं से रखरखाव किया जाता है।
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मेरठ रोड पर स्थित करीब एक किमी लंबा सिकरोड मार्ग जिला मुख्यालय से पांच किमी की दूरी पर स्थित है। मार्ग पर करीब पांच निजी विद्यालय डीपीएसजी मेरठ रोड, खेतान पब्लिक स्कूल, नारायणा ई टेक्नाे, संस्कार वर्ल्ड स्कूल और प्रेसीडियम स्कूल स्थित हैं। इन पांच विद्यालयों में करीब 15 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें अधिकारियों और राजनेताओं के बच्चे भी पढ़ते हैं। स्थिति यह है कि कई बार अपने बच्चों को स्कूल से लेने अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी स्वयं इसी जर्जर मार्ग से होकर आवागमन करते हैं। इसके बावजूद मार्ग की स्थिति पांच वर्ष बाद भी नहीं सुधर पाई है। बरसात की वजह से सड़क पर तीन फीट तक गहरे गड्ढे हैं। जल निकासी के लिए मार्ग के दोनों ओर कोई नाली या नाला भी नहीं है। ऐसे में धूप निकलने के बाद ही वर्षा का पानी सूखता है। इसके बाद सड़क की गड्ढों वाली समस्या नजर आती है। जलभराव की वजह से गहरे गड्ढों में गिरकर कई बार दुपहिया सवार भी चोटिल हो चुके हैं।
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पांच साल से जर्जर अवस्था में है मार्ग
स्थानीय निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि मार्ग करीब पांच वर्षों से जर्जर है। इस मार्ग पर कभी भी किसी विभाग ने गड्ढे भरने और पैचवर्क का तक कार्य नहीं किया है।
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कई बार चोटिल हो चुके हैं दुपहिया सवार
शिक्षक अर्चना तेवतिया ने बताया कि उनका आवागमन स्कूल जाने के लिए रोजाना इसी मार्ग से होता है। कई बार उन्होंने खुद चोटिल हो चुके दुपहिया सवारों की मदद की है। मार्ग पर जरा सी चूक होने पर जान तक जा सकती है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रामराजा ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में लोक निर्माण विभाग की कोई सड़क नहीं है। यह जीडीए के अंतर्गत आती है। वहीं से रखरखाव किया जाता है।