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प्रदेश का पहला ग्रीन इंजीनियरिंग कालेज होगा हाईटेक
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 19 May 2017 12:43 AM IST
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सोलर प्लांट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रद्युम्न उपाध्याय
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गाजियाबाद। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल और शोध की दिशा में एकेटीयू से संबद्ध हाईटेक इंस्टीट्यूट ने बढ़ी छलांग लगाई है। संस्थान ने अपने कैंपस में 132 केवीए का रूफ टॉप स्टैंड अलोन सोलर पावर प्लांट लगाया है। इस सोलर पावर प्लांट की 80 फीसदी बिजली संस्थान खुद उपयोग करेगा।
बाकी 20 फीसदी बिजली को भविष्य में पावर ग्रिड को बेचने की योजना है। 132 केवीए का बड़ा सोलर प्लांट लगाने वाला हाईटेक इंस्टीट्यूट प्रदेश का पहला ग्रीन कैंपस होगा। यह प्रोजेक्ट संस्थान की विजिटिंग फैकल्टी और आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर जीएन तिवारी और रिसर्च सेंटर के हेड व मेकेनिकल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में तैयार हुआ है।
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संस्थान के उपाध्यक्ष डा. विहंग गर्ग ने बताया कि सौर ऊर्जा के इस्तेमाल के मिशन को आगे बढ़ाते हुए 132 केवीए का प्लांट स्थापित किया गया है। अब तक कालेज कैंपस की सभी स्ट्रीट लाइटें सोलर एनर्जी से ही संचालित होती थीं। अब प्लांट के जरिए एसी को छोड़कर एकेडमिक और प्रशासनिक ब्लॉक की सभी लाइटें, पंखे, कंप्यूटर्स के साथ हॉस्टल में भी सोलर प्लांट की बिजली का प्रयोग होगा।
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इतने बड़े प्लांट को देखने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की टीम जल्द ही विजिट करेगी। उन्होंने बताया कि पहले तो संस्थान की 80 फीसदी बिजली की आपूर्ति प्लांट से ही होगी। फिर सरप्लस बिजली को पावर ग्रिड को बेचने पर विचार किया जाएगा।
प्लांट के पूरे आउटपुट के लिए जारी रहेगा शोध
132 केवीए के सोलर पावर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का ज्यादा से ज्यादा उपयोग हो सकें, इसके लिए संस्थान में रिसर्च जारी रहेगा। रिसर्च सेंटर के हेड डा. राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि 132 केवीए के प्लांट में तकनीकी रूप से आउटपुट करीब 100 केवीए तक रहता है। इसे 132 केवीए तक लाने के लिए अगले पांच सालों में शोध जारी रहेगा।