किशोरी से हैवानियत: अपहरण कर लड़की से किया दुष्कर्म, अदालत ने दरिंदे को सुनाई दस साल की सजा और लगाया 35 हजार जुर्माना
न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी कलवा को दोषी करार दिया। अर्थदंड न देने की दंशा में दोषी को ढाई वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने के आदेश भी दिए। साथ ही न्यायाधीश ने पीड़िता को एक लाख रुपए की धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देने के आदेश दिए।
विस्तार
अपर जिला जज-विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कारवास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी ने कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें उसने कहा कि 21 मार्च 2014 की सुबह वह मजदूरी करने के लिए घर से चलाया गया। उसके बाद उसकी पत्नी दवा लेने के लिए घर से चली गई, तभी मोहल्ला चंदयाना वाला गढ़मुक्तेश्वर निवासी कलवा उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर उसे ले गया। जिस पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग किशोरी को भी बरामद कर लिया।
किशोरी के बयान के बाद पुलिस ने अपहरण के साथ ही दुष्कर्म का मामला दर्ज किया और मामले का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला जज-विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी कलवा को दोषी करार दिया। अर्थदंड न देने की दंशा में दोषी को ढाई वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने के आदेश भी दिए। साथ ही न्यायाधीश ने पीड़िता को एक लाख रुपए की धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देने के आदेश दिए। प्राधिकरण के पास फंड न होने पर जिलाधिकारी को एक माह में यह राशि पीड़िता को देने को कहा है।