फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   special colunm of ghaziabad : teacher didi

छात्रवृत्ति देकर बच्चों को पढ़ा रहीं डा. ममता

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 22 Dec 2019 12:31 AM IST
विज्ञापन
special colunm of ghaziabad : teacher didi
छात्रवृत्ति देकर बच्चों को पढ़ा रहीं डॉ. ममता
विज्ञापन

गाजियाबाद। अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए तो हर व्यक्ति मेहनत-दौड़-भाग करता ही है लेकिन एक शिक्षिका ऐसी भी हैं जो अपने बच्चों के साथ गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य के बारे में भी सोच रही हैं। उन्होंने नौ छात्र-छात्राओं की डाक विभाग में आरडी खुलवाई है। वह प्रत्येक महीने कक्षा आठ के बाद पढ़ाई के लिए पैसा जमा करती हैं। छात्र-छात्राओं के हस्ताक्षर भी कराती हैं। हम बात कर रहे हैं पूर्व माध्यमिक विद्यालय शहजादपुर की सहायक अध्यापिका डॉ. ममता खन्ना की। उन्होंने पीएचडी की है।

वह बताती हैं कि उनके पिता इंटरमीडिएट कॉलेज में अध्यापक थे। उनको देखकर ही मन में शिक्षिका बनने का सपना जगा। पिता गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में मदद करते थे। उनसे पूछा कि आप इन बच्चों की मदद क्यों करते हो। हम लोगों को भी आवश्यकता होती है तो उनका जवाब था कि इनकी मदद करने से आपका भविष्य भी उज्ज्वल होगा। दूसरों की मदद करने से कभी कमी नहीं आती बल्कि भगवान और ज्यादा देता है। उनकी उस बात ने अंतरात्मा को हिला दिया। तभी से प्रण कर लिया था कि शिक्षिका बनी और सक्षम रही तो ऐसे परिवारों के बच्चों के लिए कुछ करूंगी। वह बताती हैं कि 2012 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय शहजादपुर में तैनाती मिली थी। वर्तमान में विद्यालय के अंदर 70 छात्र-छात्राएं हैं। छह से आठ तक कक्षा के तीन-तीन मेधावी छात्र-छात्राओं की उन्होंने आरडी खुलवा रखी है। इस आरडी में वह प्रत्येक महीने 30-30 रुपये जमा करती हैं। बताया कि पांच वर्ष तक यह आरडी चलेगी। इससे छात्र-छात्राएं फीस के अभाव में भी पढ़ाई कर सकेंगे। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई हो जाएगी। बताया एक गुल्लक भी बनाई है, उसमें भी प्रत्येक महीने कुछ रुपये जमा करती हैं। इसके अलावा अपने पैसे से ही वह छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराती हैं। उनके बच्चे जिलास्तरीय विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में प्रथम और तृतीय स्थान भी प्राप्त कर चुके हैं। वह बताती हैं कि गरीब परिवारों के बच्चों की मदद करने से मन को शांति मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed