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‘दाल में कुछ काला है, जमीनों का घोटाला है’
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 09 Feb 2017 12:58 AM IST
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री की चुनावी जनसभा में लोगों को उम्मीद विकास के मुद्दे और राजनीतिक दलों पर शब्द बाण छोड़े जाने की थी, लेकिन जीडीए में कैग ऑडिट न कराए जाने का जिक्र छेड़कर नरेंद्र मोदी ने सबको चौंका दिया।
शायराना अंदाज में प्रधानमंत्री ने जब भरे मंच से कहा कि ‘दाल में कुछ काला है, जमीनों का घोटाला है, गंदा कारोबार है, बेईमानी पूर बहार है’ तो वहां बैठे जीडीए अफसरों के चेहरे की भी रंगत उड़ गई। उनकी सांसें ऊपर की ऊपर और नीचे की नीचे रह गईं।
प्रधानमंत्री जीडीए के मुद्दे पर यहीं नहीं रुके, उन्होंने साफ कर दिया कि यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहला काम प्रदेश की डेवलपमेंट अथॉरिटी में कैग ऑडिट कराए जाने का कानून बनाएंगे।
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जीडीए को केंद्र सरकार की यूआईडीएसएसएमटी योजना में भी पैसा मिला है। इसके अलावा मेट्रो में भी केंद्र सरकार अंशदान दे रही है। बावजूद इसके यहां सीएजी ऑडिट नहीं हो रहा है। अपने भाषण में करीब तीन मिनट तक नरेंद्र मोदी सिर्फ जीडीए में ऑडिट न कराए जाने के मुद्दे पर ही बोले।
अपने खास अंदाज में मोदी ने प्रदेश की सपा सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जीडीए में जनता का पैसा पहुंचता है और जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनका पैसा कहां और क्यों खर्च हुआ है।
यूपी के राज्यपाल राम नाइक और भारत सरकार के आदेश पर भी सपा सरकार ने ऑडिट कराने से मना कर दिया। डेवलपमेंट अथॉरिटी में जमीनों के घोटालों पर पर्दा डाला जा रहा है,
लेकिन भाजपा की सरकार बनने पर सभी डेवलपमेंट अथॉरिटी में कैग ऑडिट कराने के संबंध में कानून बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री के भाषण में दिखी तल्खी से अब जीडीए के कई वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के चेहरों की हवाइयां उड़ना तय है।
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शायराना अंदाज में प्रधानमंत्री ने जब भरे मंच से कहा कि ‘दाल में कुछ काला है, जमीनों का घोटाला है, गंदा कारोबार है, बेईमानी पूर बहार है’ तो वहां बैठे जीडीए अफसरों के चेहरे की भी रंगत उड़ गई। उनकी सांसें ऊपर की ऊपर और नीचे की नीचे रह गईं।
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प्रधानमंत्री जीडीए के मुद्दे पर यहीं नहीं रुके, उन्होंने साफ कर दिया कि यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहला काम प्रदेश की डेवलपमेंट अथॉरिटी में कैग ऑडिट कराए जाने का कानून बनाएंगे।
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जीडीए को केंद्र सरकार की यूआईडीएसएसएमटी योजना में भी पैसा मिला है। इसके अलावा मेट्रो में भी केंद्र सरकार अंशदान दे रही है। बावजूद इसके यहां सीएजी ऑडिट नहीं हो रहा है। अपने भाषण में करीब तीन मिनट तक नरेंद्र मोदी सिर्फ जीडीए में ऑडिट न कराए जाने के मुद्दे पर ही बोले।
अपने खास अंदाज में मोदी ने प्रदेश की सपा सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जीडीए में जनता का पैसा पहुंचता है और जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनका पैसा कहां और क्यों खर्च हुआ है।
यूपी के राज्यपाल राम नाइक और भारत सरकार के आदेश पर भी सपा सरकार ने ऑडिट कराने से मना कर दिया। डेवलपमेंट अथॉरिटी में जमीनों के घोटालों पर पर्दा डाला जा रहा है,
लेकिन भाजपा की सरकार बनने पर सभी डेवलपमेंट अथॉरिटी में कैग ऑडिट कराने के संबंध में कानून बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री के भाषण में दिखी तल्खी से अब जीडीए के कई वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के चेहरों की हवाइयां उड़ना तय है।