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घोड़ों में ग्लैंडर्स की जांच के लिए लिया सैंपल
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 13 Apr 2016 12:54 AM IST
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घोड़े उपचार
- फोटो : अमर उजाला
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घोड़ों में ग्लैंडर्स की जांच के साथ ही जिला प्रशासन ने सीएमओ को अलर्ट जारी किया। पिछले दिनों गांव मोहम्मदपुर करीम गांव में चार घोड़ों में ग्लैंडर्स पाए जाने से भयभीत जिला प्रशासन ने शहर में अलर्ट जारी किया। इस गांव के दस किलोमीटर के दायरे से सैंपल लिए जा रहे हैं।
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अब तक 375 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। अश्व प्रजाति की यह जानलेवा बीमारी बहुत जल्द पशुओं और मनुष्य में फैलती है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी बिजेंद्र त्यागी ने बताया कि घोड़े में बीमारी का पता चलते ही उसे मार न दिया जाए तो पांच से सात दिन में यह बीमारी महामारी का रूप धारण कर लेती है।
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घोड़े के छींकने मात्र से कीटाणु आसपास के दस किलोमीटर के दायरे में फैलता है। शहर में और किसी घोड़े में इसके लक्षण न हों इसके लिए सैंपल लिया जा रहा है।
इनसेट: ग्लैंडर्स के लक्षण:
- नाक बहने लगती है।
- घोड़ों को सांस लेने में दिक्कत होती है।
- उनके आसपास का तापमान बढ़ जाता है।
- उस दायरे में रहे लोगों को भी सांस लेने में परेशानी होने लगती है।