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गाजियाबाद: डासना देवी मंदिर प्रकरण में आरोपी सलीमुद्दीन को मिली अंतरिम जमानत, धर्मांतरण गैंग का मिला सुराग

Mon, 21 Jun 2021 09:01 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 21 Jun 2021 09:01 PM IST
सार

नोएडा में एटीएस द्वारा पकड़े गए धर्मांतरण के दोनों आरोपियों के तार सलीमुद्दीन से जुड़े हैं। सलीमुद्दीन, डासना देवी मंदिर में साले कासिफ के साथ घुसे नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय का गुरु है। सलीमुद्दीन ही लोगों का धर्मान्तरण कराता था। लोगों को उर्दू सिखाता था।

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Salimuddin gets interim bail accused in the Dasna Devi temple case entered person by changing name
गाजियाबाद: डासना देवी मंदिर प्रकरण में आरोपी सलीमुद्दीन को मिली अंतरिम जमानत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में दो लोगों के नाम बदलकर घुसाने के मामले में आरोपी सलीमुद्दीन को अंतरिम जमानत मिल गई है। उस पर एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों लोगो को मंदिर में भेजने का आरोप है। आज ही दिल्ली में धर्मांतरण गिरोह का खुलासा होने पर जानकारी आई कि इस गिरोह का सुराग सलीमुद्दीन से ही मिला।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश एटीएस ने सोमवार को प्रदेश के जिस धर्मांतरण गैंग का खुलासा किया है उसके तार अब गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर प्रकरण से भी जुड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मसूरी के डासना देवी मंदिर प्रकरण में गलत नाम बताकर घुसे जीजा-साले व सलीमुद्दीन भी धर्मांतरण से जुड़े थे।
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नोएडा में एटीएस द्वारा पकड़े गए धर्मांतरण के दोनों आरोपियों के तार सलीमुद्दीन से जुड़े हैं। सलीमुद्दीन, डासना देवी मंदिर में साले कासिफ के साथ घुसे नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय का गुरु है। सलीमुद्दीन ही लोगों का धर्मान्तरण कराता था। लोगों को उर्दू सिखाता था। सलीमुद्दीन ने 2015 में विपुल का धर्मान्तरण कराकर 2019 में कासिफ की बहन आयशा से निकाह कराया था। धर्मांतरण के बाद ही सलीमुद्दीन ने विपुल का नाम रमजान रखा था।
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क्या है डासना देवी मंदिर प्रकरण
गत दो जून की रात करीब साढ़े आठ बजे दो संदिग्ध डासना देवी मंदिर में घुसे थे। गेट पर दोनों ने अपने नाम नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय तथा काशी गुप्ता लिखवाए थे। बाद में काशी गुप्ता नाम का युवक संजयनगर निवासी कासिफ निकला। पूछताछ में पता चला कि विपुल कासिफ का जीजा है।

डेढ़ साल पहले ही विपुल ने उसकी बहन आयशा से शादी की थी। आरोपियों के बैग से सर्जिकल ब्लेड, वैक्यूम थेरेपी में काम आने वाली मशीन, धार्मिक पुस्तकें व ग्रंथ बरामद हुए थे। विपुल ने बताया था कि वह शास्त्रार्थ करने के लिए महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से मिलने आया था। वहीं, महंत ने हत्या के लिए आने का आरोप लगाया था।

 

सलीमुद्दीन ने विपुल को कासिफ के साथ भेजा था मंदिर
नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय को डासना देवी मंदिर में जाने के लिए उसके विजयनगर सेक्टर-12 निवासी गुरु सलीमुद्दीन ने उकसाया था। रिमांड के दौरान विपुल व उसके साले कासिफ से पूछताछ में यह बात सामने आने के बाद मसूरी पुलिस ने बीते शुक्रवार को सलीमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। सलीमुद्दीन ने विपुल को उर्दू की तालीम दी थी और पैरा मेडिकल की पढ़ाई भी कराई थी। 

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