यूपी चुनावः ‘चुनावी दंगल’ में इन 28 सीटों पर बहेगा पानी की तरह पैसा, पढ़ें क्या है वजह
यूपी के 13 जिलों की 28 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे ‘चुनावी दंगल’ में पैसा पानी की तरह बहाया जा सकता है। चुनाव आयोग ने इन सभी 28 सीटों को खर्च के मामले में संवेदनशील करार दिया है।
चुनाव आयोग ने इन सभी विधानसभाओं में विशेष निगरानी के आदेश जारी किए हैं। खास बात यह है कि आयोग द्वारा जारी इस सूची में गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसभा सीट नंबर एक पर है।
चुनाव आयोग ने जो सूची जारी की है उसमें साहिबाबाद सीट के अलावा अलीगढ़ की शहर विधानसभा के साथ ही खैर, बरौली और कोल को व्यय के मामले में संवेदनशील माना है।
इसी प्रकार हाथरस, सादाबाद, मथुरा, छाता, ललितपुर, मेहरोनी, बाराबंकी, रामनगर और अमेठी के साथ ही सुल्तानपुर व रायबरेली जनपद की तिलोई, जगदीशपुर एवं गौरीगंज विधानसभा को आयोग ने व्यय संवेदनशील घोषित किया है।
गिफ्ट देकर मतदाताओं को प्रभावित किया जा सकता है
अंबेडकरनगर की टांडा और जलालपुर के साथ ही गोंडा तरबगंज, गोरखपुर की पिपराइच, गोरखपुर देहात और चिल्लूपुर को भी आयोग ने इसी श्रेणी में रखा है। इसी सूची में आयोग ने गाजीपुर जनपद की चार विधानसभाओं गाजीपुर, जंगीपुर, मोहम्मदाबाद और जमानिया को भी शामिल किया है।
आयोग का मानना है कि इन विधानसभाओं में रुपया या गिफ्ट देकर मतदाताओं को प्रभावित किया जा सकता है। आयोग को ऐसे संकेत मिले हैं कि धनबल के माध्यम से विशेष रूप से साहिबाबाद सीट की खोड़ा कालोनी में वोटरों को लुभाने का काम किया जा सकता है।
इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम निधि केसरवानी का कहना है कि चुनाव में प्रयुक्त होने वाली नगदी की धरपकड़ के लिए पांच विधानसभाओं में 16 स्टेटिक सर्विलांस टीमों का गठन पूर्व में ही कर दिया गया था।
आयोग के इस आदेश के बाद से साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में विशेष निगरानी के आदेश जारी किए गए हैं। स्टेटिक सर्विलांस की चार अतिरिक्त टीमों को यहां लगाया गया है।