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घर बैठे बनेंगे डुप्लीकेट आरसी व डीएल

Wed, 13 Apr 2016 12:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Wed, 13 Apr 2016 12:55 AM IST
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RC and DL will be duplicated at home
rc - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ और कानपुर के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) जल्द ही केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के नेशनल रजिस्टर से सीधा कनेक्ट हो जाएंगे। कनेक्ट होने के बाद दोनों आरटीओ में वाहन-4 सॉफ्टवेयर कार्य करने लगेगा। इससे लोग घर बैठे ही वाहन की डुप्लीकेट आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) व ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवा सकेंगे।

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लखनऊ और कानपुर आरटीओ का वाहन-4 सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है। ट्रायल में मिली खामियों को दूर करने के लिए एनआईसी को निर्देश दिए गए हैं। वाहन-4 सॉफ्टवेयर की यह खामी एक हफ्ते के  भीतर दूर हो जाएगी। इसके बाद एक मई से दोनो आरटीओ में यह सॉफ्टवेयर चालू  हो जाएगा। इससे रोजमर्रा के मैनुअल होने वाले कार्य ऑनलाइन होने लगेंगे।
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यह व्यवस्था शुरू होने से लोगों को परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस, डुप्लीकेट आरसी, किसी वाहन की एनओसी और वाहन स्वामी का नाम बदले के लिये आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लखनऊ जोन के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अरविंद कुमार पांडेय ने मंगलवार को बताया कि लखनऊ आरटीओ को ऑनलाइन करने की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। वाहन-4 सॉफ्टवेयर चालू होते ही कोई भी आरटीओ संबंधित जानकारी आसानी से हासिल कर पाएगा।
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फैजाबाद समेत 50 जिलों में भी लागू होगी व्यवस्था
लखनऊ और कानपुर आरटीओ में यह व्यवस्था शुरू होने के बाद गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, अलीगढ़, आगरा, झांसी, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, फैजाबाद, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर, उन्नाव, रायबरेली, शाहजहांपुर, इटावा, मैनपुरी सहित 50 जिलों के आरटीओ व एआरटीओ को वाहन-4 सॉफ्टवेयर से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए शासन ने छह करोड़ रुपये मुहैया करा दिए हैं।  

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
आवेदक को आवेदन से पहले वाहन-4 सॉफ्टवेयर के एड्रेस बार में वाहन के चेसिस नंबर के अंतिम पांच अंकों का उल्लेख करना होगा। चेसिस नंबर डालते ही वाहन स्वामी का रिकॉर्ड डिस्प्ले हो जाएगा।

साथ ही वेबसाइट पर अन्य कार्यों से संबंधित ऑप्शन दिखने लगेंगे। इसके बाद आवेदक को ऑनलाइन कार्य निपटाने के लिए सबसे पहले पर्सनल मोबाइल नंबर का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। मोबाइल नंबर के रजिस्टर्ड होते ही संदेश के रूप में पासवर्ड मिलेगा। इस पासवर्ड के जरिये ऑनलाइन कार्य निपटाए जा सकेंगे।


परिवहन विभाग के वाहन-4 सॉफ्टवेयर के चालू होने से वाहन स्वामियों को खासी सहूलियत मिलेगी। यह सुविधा एक मई से शुरू होगी। इससे वाहन स्वामी आरटीओ आने के बजाय घर से ही काम निपटा सकेंगे।
- के.रवींद्र नायक, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर यूपी

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