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रेरा लागू, अब नहीं चलेगा बहाना तय समय पर मिलेगा आशियाना
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Mon, 01 May 2017 11:32 PM IST
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फ्लैट
- फोटो : amar ujala
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रियल एस्टेट रेग्यूलेशन एक्ट (रेरा) के लागू होने के बाद अब जनपद के 100 से ज्यादा बिल्डर प्रोजेक्ट इसके दायरे में आ जाएंगे। बिल्डर्स को अब अपने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करना होगा। इससे 50 हजार से ज्यादा आवंटियों को राहत मिलेगी।
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बिल्डर्स के प्रोजेक्ट लेट होने की वजह से इन आवंटियों के करीब 1000 करोड़ से ज्यादा की रकम फंसी हुई है।इंदिरापुरम, डूंडाहेड़ा, वैशाली, राजनगर एक्सटेंशन, वसुंधरा, जीटी रोड, मोदीनगर, एनएच-24 समेत कई स्थानों पर बिल्डर्स के हाउसिंग प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
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इनमें से करीब 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिन्होंने 30 अप्रैल तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है जबकि अधिकांश प्रोजेक्ट के निर्माण पूरा होने की अवधि खत्म हो चुकी है। इन 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट में करीब 50 हजार यूनिट (फ्लैट्स) बनने हैं।
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पूरा पैसा जमा करने के बावजूद हजारों की संख्या में आवंटी ऐसे हैं जो पजेशन के लिए बिल्डरों के ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। अब रेरा लागू होने के बाद इन आवंटियों को जल्द ही आशियाना मिलने की उम्मीद जगी है।
जीडीए की तीन योजनाएं भी रेरा के दायरे में
प्राइवेट बिल्डर ही नहीं जीडीए की कोयल एंकलेव, मधुबन-बापूधाम और इंद्रप्रस्थ आवासीय योजनाएं भी इसके दायरे में आ जाएंगी। जीडीए को भी जल्द ही इन्हें पूरा करके देना होगा।
यूपी सरकार ने रेरा के लिए शुरू नहीं की तैयारियां
रेरा लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी पॉलिसी तैयार करनी है। इसके लिए वेबसाइट भी तैयार करनी है, जिस पर बिल्डर्स और ब्रोकर्स को रजिस्ट्रेशन कराना है। महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में इस पर काम शुरू हो गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी सरकार ने कोई तैयारी नहीं की है।
फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट एसोसिएशन ने इसके लिए मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव आवास को पत्र भेजकर जल्द से जल्द वेबसाइट तैयार करने समेत अन्य सभी इंतजाम करने की मांग की है।
रेरा लागू होने से फ्लैट खरीदारों के लिए ‘रामराज’ आने वाला है। हालांकि अभी तत्काल इसका फायदा नहीं होगा, थोड़ा देर से ही सही, लेकिन उन्हें सुकून मिलेगा। बिल्डर्स को समय पर प्रोजेक्ट पूरा करके हैंडओवर करना होगा। खरीदारों का शोषण बंद होगा।
- आलोक कुमार, संस्थापक, फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन
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अनियमित हो चुका रियल एस्टेट कारोबार रेरा के लागू होने से नियमित होगा। हालांकि अधिकांश अभी भी अपने प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल जीडीए में देते हैं और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने का हर संभव प्रयास करते हैं। अब बिल्डर एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे में नहीं लगाएंगे और प्रोजेक्ट समय पर पूरा करेंगे।
रेरा लागू होने के साथ-साथ बिल्डर्स को विभिन्न विभागों से एनओसी लेने के लिए सिंगल विंडो बनाई जानी चाहिए, ताकि उनका समय बर्बाद न हो। - प्रवीन त्यागी, एमडी, वीवीआईपी इंफ्रास्ट्रक्चर