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रैपिड रेल पहले खंड में बिजली आपूर्ति को सब-स्टेशन तैयार
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रैपिड रेल पहले खंड में बिजली आपूर्ति को सब स्टेशन तैयार
गाजियाबाद। साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड रेल के 17 किमी लंबे पहले प्राथमिकता खंड पर ट्रायल रन की दिशा में एनसीआरटीसी को एक और सफलता मिली है। रैपिड रेल के पहले खंड में बिजली आपूर्ति के लिए इकलौता रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) तैयार हो गया है। दिल्ली-मेरठ तिराहे के पास रेलवे लाइन के बराबर बने सब स्टेशन में लगाए गए ट्रांसफार्मरों की टेस्टिंग का काम शुरू हो गया है। सब स्टेशन से ट्रेनों के संचालन के लिए 25 केवी और स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति के लिए 33 केवी की लाइन से बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
82 किमी लंबे कॉरिडोर में पांच सब-स्टेशन बनेंगे
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किमी लंबे देश के पहले रीजनल रेल कॉरिडोर में बिजली आपूर्ति के लिए कुल पांच रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) का निर्माण किया जाना है। अन्य सब स्टेशन दिल्ली के सराय काले खां, मुरादनगर, मेरठ शताब्दीनगर और मोदीपुरम में स्थापित किए जाएंगे। फिलहाल गाजियाबाद में पहले आरएसएस का निर्माण पूरा हो गया है। सब स्टेशन में उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। सब-स्टेशनों तक 220 केवी की लाइन आएगी। इसके लिए एनसीआरटीसी और यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के बीच करार हुआ है। आरएसएस के जरिए रैपिड कॉरिडोर को निर्बाध बिजली की सप्लाई सुनिश्चित होगी। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स ने बताया कि पहले प्राथमिकता वाले खंड में दुहाई से गुलधर के बीच उच्च क्षमता और कम रखरखाव वाली पटरियों को बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। ओवर हेड वायर (ओएचई) लगाने से पहले पोल लगाने का काम तेज गति से किया जा रहा है।
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गाजियाबाद। साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड रेल के 17 किमी लंबे पहले प्राथमिकता खंड पर ट्रायल रन की दिशा में एनसीआरटीसी को एक और सफलता मिली है। रैपिड रेल के पहले खंड में बिजली आपूर्ति के लिए इकलौता रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) तैयार हो गया है। दिल्ली-मेरठ तिराहे के पास रेलवे लाइन के बराबर बने सब स्टेशन में लगाए गए ट्रांसफार्मरों की टेस्टिंग का काम शुरू हो गया है। सब स्टेशन से ट्रेनों के संचालन के लिए 25 केवी और स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति के लिए 33 केवी की लाइन से बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
82 किमी लंबे कॉरिडोर में पांच सब-स्टेशन बनेंगे
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किमी लंबे देश के पहले रीजनल रेल कॉरिडोर में बिजली आपूर्ति के लिए कुल पांच रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) का निर्माण किया जाना है। अन्य सब स्टेशन दिल्ली के सराय काले खां, मुरादनगर, मेरठ शताब्दीनगर और मोदीपुरम में स्थापित किए जाएंगे। फिलहाल गाजियाबाद में पहले आरएसएस का निर्माण पूरा हो गया है। सब स्टेशन में उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। सब-स्टेशनों तक 220 केवी की लाइन आएगी। इसके लिए एनसीआरटीसी और यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के बीच करार हुआ है। आरएसएस के जरिए रैपिड कॉरिडोर को निर्बाध बिजली की सप्लाई सुनिश्चित होगी। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स ने बताया कि पहले प्राथमिकता वाले खंड में दुहाई से गुलधर के बीच उच्च क्षमता और कम रखरखाव वाली पटरियों को बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। ओवर हेड वायर (ओएचई) लगाने से पहले पोल लगाने का काम तेज गति से किया जा रहा है।
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