{"_id":"57f14d5c4f1c1b8c61574b9a","slug":"ram-grand-procession-in-the-city-out-of-fanfare","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगवानन्ह जब दिख बराता, उर आनंद पुलक भए गाता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगवानन्ह जब दिख बराता, उर आनंद पुलक भए गाता
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
राम बारात
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘अगवानन्ह जब दिखी बराता, उर आनंद पुलक भर गाता...’ श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी केतत्वाधान में रविवार को भव्य राम बारात निकाली गई। राम बारात की भव्य शोभा यात्रा देखने को लोगों की भीड़ सड़कों के किनारे रही। इस दौरान जहां-जहां से राम बारात गुजरी वहीं जाम से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन
ठाकुरद्वारा मंदिर से शाम साढ़े सात बजे के करीब राम बारात का शुभारंभ हुआ। शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए आधी रात के बाद घंटाघर रामलीला मैदान पहुंची। इस दौरान जगह-जगह राम बारात का स्वागत भी किया गया। राम बारात की शोभा यात्रा में 52 झांकियां, 12 बैंड और 7 नपीरी वाले कला का प्रदर्शन करते हुए बारात के साथ चले।
विज्ञापन
सुरक्षा के मद्देनजर राम बारात से पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट बीडी सिंह, सीओ प्रथम आईपी सिंह, कोतवाल धीरेंद्र यादव ने सुल्लामल रामलीला कमेटी पदाधिकारियों के साथ राम बारात के रूट का निरीक्षण किया। राम बारात रूट पर जगह-जगह भारी संख्या में पुलिस और वालंटियर्स मुस्तैद रहे।
विज्ञापन
बारात ठाकुरद्वारा मंदिर से आरंभ होकर दिल्ली गेट, चौपला मंदिर, डासना गेट, रमतेराम रोड, राइटगंज, नया गंज, टाउन हॉल, घंटाघर चौक, रेलवे रोड बजरिया, कीर्त वाली गली, जीटी रोड और रमतेरामरोड से होते हुए देर रात घंटाघर रामलीला मैदान पहुंची। राम बारात का स्वागत करने के लिए कई जगहों पर पंडाल लगे रहे।
राम बारात की वजह से शहर में रूट डायवर्ट कर दिया गया था बावजूद इसके जीटी रोड और हापुड़ रोड पर जाम लगा रहा। बारात को सफल बनाने में अजय बंसल, मिथलेश गुप्ता, मनोज गोयल, अनिल चौधरी आदि का विशेष सहयोग रहा।
सीता स्वयंवर में देव लोक से हुई फूलों की वर्षा
श्री धार्मिक रामलीला समिति कविनगर में रविवार की रात सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। इससे पूर्व धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन हुआ। संस्कृति थियेटर ग्रुप के कलाकारों ने राजा जनक के दरबार में श्रीराम द्वारा धनुष भंग करना और परशुराम का क्रोधित होने के बाद राम-सीता जयमाला का अद्भुत मंचन किया गया।
इस दौरान मंच पर मौजूद देवलोक के देवताओं ने विवाहित जोड़ी पर फूलों की वर्षा की। इस दौरान अध्यक्ष ललित जायसवाल, भूपेंद्र चौपड़ा, अजय जैन आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
राम सिया का हुआ प्रथम मिलन
श्री रामलीला समिति राजनगर में रविवार की रात मुनि विश्वामित्र आगमन से लेकर फुलवाड़ी में राम-सीता के प्रथम मिलन का मंचन किया गया। इसके बाद गौरा पूजन और अहिल्या उद्धार तक का मंचन किया गया। श्री आदर्श धर्मिक रामलीला कमेटी संजय नगर में रविवार को अहिल्या उद्धार गंगा लीला और नगर दर्शन का मंचन हुआ।
दूसरे दिन भी हुई मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्र के दूसरे दिन भी मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। नवरात्र तिथि में एक दिन की बढ़ोतरी से प्रथम तिथि की पूजा दो दिन तक चला। मंदिरों और घरों में मां के प्रथम रूप की पूजा अर्चना के साथ जयकारे लगे।