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Ghaziabad News: रेलवे ओएचई की क्षमता होगी दोगुना, ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी
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हापुड़। रेलवे की ओर से गाजियाबाद-मुरादाबाद रेल खंड के बीच 141 किलोमीटर लंबे रेलखंड में ट्रेनों की गति बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रेलवे लाइन पर लगे ओवरहेड उपकरण (ओएचई) की क्षमता दोगुना की जाएगी। इसके साथ ही बिजलीघर की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। रेलवे की ओर से सर्वे कराकर योजना का डीपीआर तैयार किया जा रहा है।
मुरादाबाद से गाजियाबाद के बीच रोजाना सौ से अधिक पैसेंजर, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन होता है। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर इनमें से रोजाना 50 से अधिक ट्रेनों का ठहराव होता है, जिससे हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं। ट्रेनों का सफर सुगम बनाने के लिए रेलवे ने 110 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटे करने का निर्णय लिया है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने की भी योजना है।
ऐसे में रेलवे की ओर से ओएचई सिस्टम और ट्रैक ज्यादा मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। ओएचई यानी ओवरहेड इक्विपमेंट जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनें बिजली प्राप्त करती हैं। इसमें खंभे, तार, इंसुलेटर, कैंटिलीवर और अन्य सहायक ढांचे शामिल हैं। समय के साथ मौसम, कंपन और भारी यातायात के कारण इनमें टूट-फूट या कमजोरी आ जाती है। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। भविष्य में ट्रेनों की गति बढ़ने पर बिजली की खपत भी बढ़ेगी, इसको ध्यान में रखकर ओएचई की क्षमता दोगुनी की जाएगी।
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मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता का कहना है कि भविष्य में ट्रेनों की गति व संख्या बढ़ाने की योजना है। ट्रेनों की गति बढ़ने पर बिजली का लोड भी बढ़ेगा। इसके लिए पॉवर अप्रगेड का कार्य किया जाना है। ऐसे में गाजियाबाद-मुरादाबाद के बीच ओएचसी की क्षमता दोगुनी कर बिजली की क्षमता में भी बढ़ोतरी की जाएगी। ट्रेनों की गति बढ़ने के बाद ट्रेनों के संचालन में सुधार हो सकेगा और यात्रियों के समय में भी बचत होगी।
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मुरादाबाद से गाजियाबाद के बीच रोजाना सौ से अधिक पैसेंजर, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन होता है। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर इनमें से रोजाना 50 से अधिक ट्रेनों का ठहराव होता है, जिससे हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं। ट्रेनों का सफर सुगम बनाने के लिए रेलवे ने 110 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटे करने का निर्णय लिया है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने की भी योजना है।
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ऐसे में रेलवे की ओर से ओएचई सिस्टम और ट्रैक ज्यादा मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। ओएचई यानी ओवरहेड इक्विपमेंट जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनें बिजली प्राप्त करती हैं। इसमें खंभे, तार, इंसुलेटर, कैंटिलीवर और अन्य सहायक ढांचे शामिल हैं। समय के साथ मौसम, कंपन और भारी यातायात के कारण इनमें टूट-फूट या कमजोरी आ जाती है। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। भविष्य में ट्रेनों की गति बढ़ने पर बिजली की खपत भी बढ़ेगी, इसको ध्यान में रखकर ओएचई की क्षमता दोगुनी की जाएगी।
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मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता का कहना है कि भविष्य में ट्रेनों की गति व संख्या बढ़ाने की योजना है। ट्रेनों की गति बढ़ने पर बिजली का लोड भी बढ़ेगा। इसके लिए पॉवर अप्रगेड का कार्य किया जाना है। ऐसे में गाजियाबाद-मुरादाबाद के बीच ओएचसी की क्षमता दोगुनी कर बिजली की क्षमता में भी बढ़ोतरी की जाएगी। ट्रेनों की गति बढ़ने के बाद ट्रेनों के संचालन में सुधार हो सकेगा और यात्रियों के समय में भी बचत होगी।