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Ghaziabad News: स्क्रैप व्यापारी के गोदाम पर छापा
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बुलंदशहर। खुर्जा में व्हीकल स्क्रैप व्यापारी के प्रतिष्ठान पर कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग की टीम ने कर चोरी पकड़ी है। दस्तावेजों के सापेक्ष मौके पर स्टॉक भी कम मिला और केवल लोहा के स्क्रैप की बिक्री दर्शाई जा रही थी।
टीम की कार्रवाई के बाद व्यापारी ने मौके पर करीब 17 लाख रुपये का कर व जुर्माना जमा कराया है। जबकि आगे की जांच के लिए दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया है। खुर्जा स्थित रॉयल रिसाइकिलिंग इंडस्ट्री के द्वारा व्हीकल स्क्रैप करने का कारोबार किया जाता है। लंबे समय से व्यापारी की ओर से केवल लोहे के स्क्रैप की बिक्री दर्शाई जा रही थी। इसके चलते जीएसटी अधिकारियों को फर्म संचालक पर शक हुआ।
योजना के तहत ज्वाइंट कमिश्नर डाॅ. शिव आसरे के निर्देशन में उपायुक्त जयंत सिंह के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने योजना के तहत फैक्टरी पर छापा मारा। दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद वाहनों की जांच करने पर पता चला कि बड़ी मात्रा में माल बिना दस्तावेजों में दर्शाए ही बेच दिए गए हैं। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाले कॉपर, एल्युमिनियम, प्लास्टिक, शीशा समेत अन्य प्रकार के स्क्रैप की बिक्री को दर्शाया ही नहीं जा रहा था।
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टीम ने मौके पर जांच पड़ताल करते हुए एक करोड़ रुपये का टर्नओवर कम पाए और करीब 17 लाख रुपये जमा कराए।
उपायुक्त जयंत सिंह ने बताया कि आगे की जांच में करीब एक करोड़ रुपये का टर्नओवर और सामने आने की उम्मीद है। जिसके चलते करीब 17 लाख रुपये का कर जमा कराया जा सकता है।
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टीम की कार्रवाई के बाद व्यापारी ने मौके पर करीब 17 लाख रुपये का कर व जुर्माना जमा कराया है। जबकि आगे की जांच के लिए दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया है। खुर्जा स्थित रॉयल रिसाइकिलिंग इंडस्ट्री के द्वारा व्हीकल स्क्रैप करने का कारोबार किया जाता है। लंबे समय से व्यापारी की ओर से केवल लोहे के स्क्रैप की बिक्री दर्शाई जा रही थी। इसके चलते जीएसटी अधिकारियों को फर्म संचालक पर शक हुआ।
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योजना के तहत ज्वाइंट कमिश्नर डाॅ. शिव आसरे के निर्देशन में उपायुक्त जयंत सिंह के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने योजना के तहत फैक्टरी पर छापा मारा। दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद वाहनों की जांच करने पर पता चला कि बड़ी मात्रा में माल बिना दस्तावेजों में दर्शाए ही बेच दिए गए हैं। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाले कॉपर, एल्युमिनियम, प्लास्टिक, शीशा समेत अन्य प्रकार के स्क्रैप की बिक्री को दर्शाया ही नहीं जा रहा था।
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टीम ने मौके पर जांच पड़ताल करते हुए एक करोड़ रुपये का टर्नओवर कम पाए और करीब 17 लाख रुपये जमा कराए।
उपायुक्त जयंत सिंह ने बताया कि आगे की जांच में करीब एक करोड़ रुपये का टर्नओवर और सामने आने की उम्मीद है। जिसके चलते करीब 17 लाख रुपये का कर जमा कराया जा सकता है।