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Ghaziabad News: हरनंदीपुरम को लॉन्च करने की तैयारी तेज, रेरा में आवेदन
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गाजियाबाद। हरनंदीपुरम योजना के पहले फेज को अक्तूबर में लॉन्च करने की तैयारी तेज हो गई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बोर्ड बैठक में पहले फेज का लेआउट पास होने के बाद अब रेरा में पंजीकरण के लिए आवेदन कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, करीब 10 दिन में रेरा नंबर जारी हो सकता है। इसके बाद योजना को लॉन्च करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
प्राधिकरण के सचिव विवेक मिश्र ने बताया कि योजना के लॉन्च से पहले यह आखिरी पड़ाव है। रेरा नंबर जारी होने के बाद अक्तूबर में पहले फेज को लॉन्च कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहला फेज 49 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। इसमें गोल्फ कोर्स के साथ अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
दूसरे फेज की तैयारी भी
जीडीए के पास हरनंदीपुरम के लिए 150 हेक्टेयर से अधिक जमीन आ चुकी है, जबकि 200 हेक्टेयर से अधिक जमीन के लिए सहमति मिल चुकी है। पहले फेज के अक्तूबर में लॉन्च होने के बाद अगली बोर्ड बैठक में दूसरे फेज का प्रस्ताव रखा जाएगा। दूसरा फेज भी करीब 50 हेक्टेयर में लॉन्च किए जाने की तैयारी है।
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हरनंदीपुरम को करीब 500 हेक्टेयर में विकसित किया जाना है। आगे के फेज के लिए भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। बड़े प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी नियुक्त करने को एक बार फिर आरएफपी जारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार जिले में हाल ही में कई बड़ी योजनाएं आने वाली हैं। ऐसे में निर्माण गुणवत्ता महत्वपूर्ण पहलू है। इसमें किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए थर्ड पार्टी एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी।
एयरोसिटी के लिए जमीन देने आगे आ रहे भू-स्वामी
हरनंदीपुरम के साथ एयरोसिटी के लिए भी लैंड पूलिंग स्कीम के साथ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 10 से अधिक भू-स्वामियों ने नई स्कीम के तहत अपनी जमीन देने के लिए सहमति पत्र दिया है। एयरोसिटी को 231 हेक्टेयर में विकसित किया जाना है। इस परियोजना में पहली बार लैंड पूलिंग के साथ अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके तहत प्राधिकरण अधिग्रहित जमीन के एक हिस्से को विकसित कर उसे भू-स्वामी को वापस करेगा।
प्राधिकरण के सचिव विवेक मिश्र ने बताया कि योजना के लॉन्च से पहले यह आखिरी पड़ाव है। रेरा नंबर जारी होने के बाद अक्तूबर में पहले फेज को लॉन्च कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहला फेज 49 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। इसमें गोल्फ कोर्स के साथ अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
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दूसरे फेज की तैयारी भी
जीडीए के पास हरनंदीपुरम के लिए 150 हेक्टेयर से अधिक जमीन आ चुकी है, जबकि 200 हेक्टेयर से अधिक जमीन के लिए सहमति मिल चुकी है। पहले फेज के अक्तूबर में लॉन्च होने के बाद अगली बोर्ड बैठक में दूसरे फेज का प्रस्ताव रखा जाएगा। दूसरा फेज भी करीब 50 हेक्टेयर में लॉन्च किए जाने की तैयारी है।
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हरनंदीपुरम को करीब 500 हेक्टेयर में विकसित किया जाना है। आगे के फेज के लिए भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। बड़े प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी नियुक्त करने को एक बार फिर आरएफपी जारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार जिले में हाल ही में कई बड़ी योजनाएं आने वाली हैं। ऐसे में निर्माण गुणवत्ता महत्वपूर्ण पहलू है। इसमें किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए थर्ड पार्टी एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी।
एयरोसिटी के लिए जमीन देने आगे आ रहे भू-स्वामी
हरनंदीपुरम के साथ एयरोसिटी के लिए भी लैंड पूलिंग स्कीम के साथ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 10 से अधिक भू-स्वामियों ने नई स्कीम के तहत अपनी जमीन देने के लिए सहमति पत्र दिया है। एयरोसिटी को 231 हेक्टेयर में विकसित किया जाना है। इस परियोजना में पहली बार लैंड पूलिंग के साथ अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके तहत प्राधिकरण अधिग्रहित जमीन के एक हिस्से को विकसित कर उसे भू-स्वामी को वापस करेगा।