फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Pregnant woman wandered for medico legal help

Ghaziabad News: मेडिको लीगल के लिए भटकती रही गर्भवती

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
Pregnant woman wandered for medico legal help
गाजियाबाद। मारपीट की घटना में घायल एक गर्भवती महिला को मेडिको लीगल परीक्षण के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते पूरी रात और अगले दिन अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े। न तो समय पर जांच हो सकी और न ही किसी एक अस्पताल ने जिम्मेदारी ली। अंततः महिला को बिना मेडिको लीगल कराए साथ में आए होमगार्ड ने घर वापस भेज दिया।
विज्ञापन



मुरादनगर थाना क्षेत्र के असदपुर नांगल गांव निवासी पायल के साथ मारपीट की घटना हुई थी। बुधवार रात पुलिस उसे मेडिको लीगल कराने के लिए मुरादनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। वहां प्राथमिक बाह्य परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड की जरूरत बताते हुए महिला को संयुक्त अस्पताल भेज दिया। गर्भवती होने के कारण महिला की स्थिति पहले से ही नाजुक थी, लेकिन इसके बावजूद उसे तत्काल सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई।
विज्ञापन



महिला अस्पताल और संयुक्त अस्पताल के बीच फंसी पीड़िता
बृहस्पतिवार को पुलिस महिला को संयुक्त अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से यह कहकर महिला अस्पताल भेज दिया गया कि गर्भवती महिला का मेडिको लीगल वहीं होगा। महिला अस्पताल पहुंचने पर बताया गया कि संबंधित डॉक्टर अदालत में गवाही देने गए हैं और फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। वहां से पुलिस और महिला को दोबारा संयुक्त अस्पताल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

संयुक्त अस्पताल में पहुंचने पर फिर से यही कहा गया कि मेडिको लीगल महिला अस्पताल में ही होगा। इस तरह दोनों अस्पतालों के बीच जिम्मेदारी टालने का सिलसिला चलता रहा। घंटों इधर-उधर भटकने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला तो पुलिस महिला को बिना किसी जांच के उसके घर छोड़ आई।


स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के आपसी तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गर्भवती और मारपीट में घायल महिला के साथ यह व्यवहार न केवल असंवेदनशील है, बल्कि उसकी और गर्भस्थ शिशु की सेहत के लिए भी खतरा पैदा करने वाला है।

व्यवस्था और अव्यवस्थाओं का अधिकारियों ने दिया हवाला
महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि वह अदालत में गवाही के कारण अस्पताल में मौजूद नहीं थे। पुलिसकर्मियों से बातचीत हो चुकी है और महिला को शुक्रवार को मेडिको लीगल के लिए बुलाया गया है। वहीं संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय गुप्ता का कहना था कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं, इसलिए मेडिकोलीगल नहीं हो पाता है।


इस मामले में सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि यह गंभीर मामला है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी कि चूक किसके स्तर पर हुई है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed