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अव्यवस्थाओं के बीच रवाना हुईं पोलिंग पार्टियां

Sat, 11 Feb 2017 01:21 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 11 Feb 2017 01:21 AM IST
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Polling parties embarked between chaos
चुनाव - फोटो : अमर उजाला

गाजियाबाद। अव्यवस्थाओं के बीच शुक्रवार को कमला नेहरू नगर मैदान से पोलिंग पार्टियां रवाना की गई। पोलिंग पार्टियां बनाने में सेक्टर मजिस्ट्रेट और आरओ के पसीने छूट गए। दोपहर 1 बजे तक भी पोलिंग पार्टियों के सभी सदस्य मैदान में नहीं पहुंचे थे।

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पोलिंग सदस्यों ने अपनी पार्टी पूरी कराने के लिए कार्मिक अधिकारी के समक्ष धक्का-मुक्की तक झेली। पोलिंग पार्टी में बहुत से सदस्य ऐसे लगे हुए थे, जिनका मोबाइल नंबर ही गलत फीड किया गया था।
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जब साथी सदस्यों ने उनके  नंबर लगाने शुरू किए तो मालूम हुआ कि वह ऑफिस का लैंड लाइन नंबर है, जो उठ भी नहीं रहा। यही नहीं पोलिंग पार्टियों ने मैदान से उठने से पूर्व जब ईवीएम और वीवीपैट मशीन चेक की तो कई मशीन में तकनीकी खराबी मिली।
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कई वीवीपैट मशीन में तो केवल भाजपा और कांग्रेस के ही बटन दब रहे थे अन्य बटन काम नहीं कर रहे थे। मौके पर मौजूद 24 इंजीनियरों ने यह समस्याएं सुलझाईं। यहां तक कि कई चुनाव कर्मी ईवीएम चला भी नहीं पा रहे थे।

कैंसल ड्यूटी के भी नाम हो गए थे अपडेट
जिन लोगों की चुनाव में पहले ड्यूटी काट दी गई थी, दुबारा उन लोगों को ड्यूटी मिल गई थी। दरअसल प्रशासन स्तर पर तो लोगों की ड्यूटी काट दी गई लेकिन प्रदेश स्तर पर सॉफ्टवेयर इसे अपडेट नहीं कर सका। ऐसे में वे सभी लोग जिनकी ड्यूटी कट चुकी थी, उन्हें फिर से ड्यूटी का मेसेज मिल गया था।

मोबाइल नेटवर्क ने किया लोगों को परेशान
कमला नेहरू नगर मैदान में करीब चार घंटे तक मोबाइल नेटवर्क फेल रहा। जो लोग वहां मौजूद भी थे अपने साथियों से संपर्क  नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में कई बार ऐसा हुआ जब पोलिंग पार्टी में पहले से तय लोग नहीं पहुंचे तो रिजर्व की ड्यूटी लगा दी गई।


इसके कुछ ही देर बाद पोलिंग पार्टी के गायब लोग वहां पहुंच गए। इससे अधिकारियों को भी परेशानी हुई। डीएम निधि केसरवानी ने कहा कि जब भीड़ खत्म हुई तो नेटवर्क ठीक हुआ और फिर लोग एक दूसरे से संपर्क कर सके। इससे पूर्व लोग एक दूसरे से फोन से बात ही नहीं कर पा रहे थे, जिसकी वजह से अधिकारियों को भ्रम रहा कि पार्टी के  अन्य सदस्य पहुंचे ही नहीं।

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