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Ghaziabad News: मुंबई जेल में बंद अर्चना गौतम को 13 तक रिमांड पर लाएगी पुलिस
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कौशांबी। स्पेन से एमबीबीएस और पीजी कोर्स के बहाने धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी अर्चना गौतम से पूछताछ के लिए पुलिस को बी-वारंट मिल गया है। अब पुलिस उसे 13 अगस्त तक मुंबई पुलिस की सहमति से रिमांड पर लाएगी। वहीं, उसके फरार साथियों की तलाश में पुलिस जल्द ही लुक आउट नोटिस भी लेगी। उधर, पुलिस स्पेन की यूनिवर्सिटी को भेजे गए ईमेल का जवाब मिलने का इंतजार कर रही है।
डीसीपी निमिष पाटिल का कहना है कि मुंबई जेल में बंद अर्चना गौतम से पूछताछ के लिए कोर्ट से बी-वारंट मिल गया है। एक टीम मुंबई पहुंची हुई है। टीम के सदस्य वहां स्थानीय पुलिस से वार्ता करने के बाद कोर्ट से अर्चना को लाने की अनुमति लेंगे। माना जा रहा है कि 13 अगस्त तक टीम उसे कौशांबी पूछताछ के लिए ले आएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए उससे कई सवाल पूछे जाएंगे। गौरतलब है कि कौशांबी थाने के पीछे एंजल मॉल में अर्चना गौतम, राहुल और विवेक ने द इंटरनेशनली नाम से दो दफ्तर बनाए थे, जिसमें गिरोह के सदस्य दिल्ली एनसीआर के लोगों को स्पेन से एमबीबीएस और पीजी कोर्स कराने के बहाने मोटी रकम वसूलते थे। मुख्य आरोपी अर्चना गौतम प्रति व्यक्ति 20 लाख से ज्यादा की रकम लेती थी, जिसमें से वह दस लाख रुपये स्पेन के एक संस्थान की निदेशक सस्मिता के पोलैंड बैंक खाते में जमा करती थी। वहीं, बाकी रकम वह अपने सरकारी बैंक के बचत खाते में रखती थी। पूरे गिरोह ने छात्र-छात्राओं के अलावा चिकित्सकों को भी झांसे में लेकर उनसे लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है। दिल्ली निवासी प्रमोद राघवन की शिकायत पर कौशांबी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद कई लोग सामने आकर पुलिस से धोखाधड़ी होने पर न्याय की गुहार लगा चुके हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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डीसीपी निमिष पाटिल का कहना है कि मुंबई जेल में बंद अर्चना गौतम से पूछताछ के लिए कोर्ट से बी-वारंट मिल गया है। एक टीम मुंबई पहुंची हुई है। टीम के सदस्य वहां स्थानीय पुलिस से वार्ता करने के बाद कोर्ट से अर्चना को लाने की अनुमति लेंगे। माना जा रहा है कि 13 अगस्त तक टीम उसे कौशांबी पूछताछ के लिए ले आएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए उससे कई सवाल पूछे जाएंगे। गौरतलब है कि कौशांबी थाने के पीछे एंजल मॉल में अर्चना गौतम, राहुल और विवेक ने द इंटरनेशनली नाम से दो दफ्तर बनाए थे, जिसमें गिरोह के सदस्य दिल्ली एनसीआर के लोगों को स्पेन से एमबीबीएस और पीजी कोर्स कराने के बहाने मोटी रकम वसूलते थे। मुख्य आरोपी अर्चना गौतम प्रति व्यक्ति 20 लाख से ज्यादा की रकम लेती थी, जिसमें से वह दस लाख रुपये स्पेन के एक संस्थान की निदेशक सस्मिता के पोलैंड बैंक खाते में जमा करती थी। वहीं, बाकी रकम वह अपने सरकारी बैंक के बचत खाते में रखती थी। पूरे गिरोह ने छात्र-छात्राओं के अलावा चिकित्सकों को भी झांसे में लेकर उनसे लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है। दिल्ली निवासी प्रमोद राघवन की शिकायत पर कौशांबी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद कई लोग सामने आकर पुलिस से धोखाधड़ी होने पर न्याय की गुहार लगा चुके हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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