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Ghaziabad News: फर्जी आदेशों से रेस्टोरेंट में हुक्का परोसने की मंजूरी
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गाजियाबाद। प्रदेशभर में हुक्का बार के संचालन पर हाईकोर्ट की रोक के बीच रेस्टोरेंट संचालकों को हुक्का परोसने की मंजूरी देने वाले आदेश सामने आए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के नाम से जारी इन आदेशों में बाकायदा अधिसूचना का हवाला दिया गया है, लेकिन विभाग ने इन्हें फर्जी बताया है। अब सवाल उठ रहा है कि फर्जी बताए जा रहे ये आदेश तैयार किसने किए और रेस्टोरेंट संचालकों तक कैसे पहुंचे। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
आदेशों में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की 23 मई 2017 की अधिसूचना के प्रावधानों का अनुपालन करते हुए रेस्टोरेंट में धूम्रपान और हुक्का बार का संचालन करने की बात लिखी गई है। इन आदेशों के संबंध में सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश मिश्र ने बताया कि कुछ रेस्टोरेंट संचालकों ने उन्हें इनकी जानकारी दी थी। उनके सामने जो आदेश रखे गए, वे फर्जी हैं। हुक्का परोसने की मंजूरी से संबंधित कोई आदेश विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है।
एक आदेश दिसंबर 2024, दूसरा नवंबर 2025 का
हुक्का बार संचालन को लेकर सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 के नाम से जारी दो आदेश सामने आए हैं। इनमें एक आदेश 19 दिसंबर 2024 और दूसरा 24 नवंबर 2025 का है। दोनों आदेशों में अधिसूचना का हवाला देते हुए हुक्का परोसने की बात लिखी गई है। एक आदेश में रेस्टोरेंट के नाम के साथ हुक्का बार का उल्लेख भी किया गया है। दोनों आदेश अलग-अलग अधिकारियों के नाम से जारी हैं। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि आदेशों में दर्ज पत्रांक की प्रति कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ये फर्जी हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसमें तंबाकू या उससे जुड़े उत्पाद बेचने या परोसने का लाइसेंस शामिल नहीं है।
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दो बार शासन को लिखा पत्र
रेस्टोरेंट में हुक्का परोसने की मंजूरी संबंधी आदेश सामने आने के बाद राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने वर्ष 2025 व 2026 में शासन को पत्र लिखने की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार, खाद्य लाइसेंस में तंबाकू से जुड़े पदार्थ परोसने की मंजूरी नहीं होने के बावजूद इस तरह के अलग आदेश सामने आए हैं।अब इन आदेशों की वास्तविकता और ये रेस्टोरेंट संचालकों तक किस तरह पहुंचे, इसकी जांच शुरू हो गई है।
जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच करवाई जाएगी। रेस्टोरेंट में हुक्का परोसना प्रतिबंधित है। शासन की गाइडलाइन पर इसके खिलाफ अभियान भी चलाया जाएगा। ये आदेश किस प्रकार जारी हुए, इसकी भी पूरी जांच होगी।
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आदेशों में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की 23 मई 2017 की अधिसूचना के प्रावधानों का अनुपालन करते हुए रेस्टोरेंट में धूम्रपान और हुक्का बार का संचालन करने की बात लिखी गई है। इन आदेशों के संबंध में सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश मिश्र ने बताया कि कुछ रेस्टोरेंट संचालकों ने उन्हें इनकी जानकारी दी थी। उनके सामने जो आदेश रखे गए, वे फर्जी हैं। हुक्का परोसने की मंजूरी से संबंधित कोई आदेश विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है।
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एक आदेश दिसंबर 2024, दूसरा नवंबर 2025 का
हुक्का बार संचालन को लेकर सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 के नाम से जारी दो आदेश सामने आए हैं। इनमें एक आदेश 19 दिसंबर 2024 और दूसरा 24 नवंबर 2025 का है। दोनों आदेशों में अधिसूचना का हवाला देते हुए हुक्का परोसने की बात लिखी गई है। एक आदेश में रेस्टोरेंट के नाम के साथ हुक्का बार का उल्लेख भी किया गया है। दोनों आदेश अलग-अलग अधिकारियों के नाम से जारी हैं। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि आदेशों में दर्ज पत्रांक की प्रति कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ये फर्जी हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसमें तंबाकू या उससे जुड़े उत्पाद बेचने या परोसने का लाइसेंस शामिल नहीं है।
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दो बार शासन को लिखा पत्र
रेस्टोरेंट में हुक्का परोसने की मंजूरी संबंधी आदेश सामने आने के बाद राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने वर्ष 2025 व 2026 में शासन को पत्र लिखने की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार, खाद्य लाइसेंस में तंबाकू से जुड़े पदार्थ परोसने की मंजूरी नहीं होने के बावजूद इस तरह के अलग आदेश सामने आए हैं।अब इन आदेशों की वास्तविकता और ये रेस्टोरेंट संचालकों तक किस तरह पहुंचे, इसकी जांच शुरू हो गई है।
जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच करवाई जाएगी। रेस्टोरेंट में हुक्का परोसना प्रतिबंधित है। शासन की गाइडलाइन पर इसके खिलाफ अभियान भी चलाया जाएगा। ये आदेश किस प्रकार जारी हुए, इसकी भी पूरी जांच होगी।