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Ghaziabad News: आयरन की कमी से जूझ रहे लोग, चिकित्सालय में नहीं है इंजेक्शन
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बुलंदशहर। जिले में काफी लोग आयरन की कमी से जूझ रहे है। आयरन की कमी को पूरा करने के लिए टेबलेट व इंजेक्शन आते है। लेकिन इन दिनों जिला चिकित्सालय व नए चिकित्सालय भवन में आयरन का इंजेक्शन नहीं है। ऐसे में भर्ती होने वाले मरीजों को बाहर से खरीदकर इंजेक्शन लाना पड़ रहा है। वहीं, अधिकांश दवा लेकर काम चला रहे है। अफसरों का कहना है कि यदि इंजेक्शन समाप्त हो गया है तो उसे जल्द मंगवा दिया जाएगा।
कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के नए चिकित्सालय भवन की इमरजेंसी में प्रतिदिन 100 के करीब मरीज और जिला चिकित्सालय की ओपीडी में 1500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं।
इनमें आयरन की कमी वाले करीब 100 मरीज होते हैं। इनमें पांच से 10 मरीजों को भर्ती कर इलाज की जरूरत होती है तो शेष को ओपीडी से परामर्श देकर घर भेज दिया जाता है। लेकिन पिछले कई दिनों से भर्ती मरीजों को लगने वाला आयरन का इंजेक्शन समाप्त चल रहा है। सोनम ने बताया कि मां का इलाज चल रहा है। ब्लड कम होने पर चिकित्सक ने आयरन का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी। लेकिन वार्ड में पहुंचे तो वहां आयरन का इंजेक्शन न होने की बात कहकर भेज दिया। बाजार से आयरन का इंजेक्शन लाकर लगवाना पड़ा। कासिम ने बताया कि भाई भर्ती है उसके शरीर में खून की कमी है। चिकित्सक ने आयरन का समय-समय पर इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी है। लेकिन आयरन का इंजेक्शन न होने पर लगाया नहीं गया।
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डायलिसिस में भी समाप्त चल रहा आयरन का इंजेक्शन
किडनी मरीजों की समय-समय पर डायलिसिस होती रहती है। उन्हें तीन दिन, सप्ताह और 14वें दिन डायलिसिस की जरूरत होती है। डायलिसिस के दौरान चिकित्सक समय-समय पर आयरन का इंजेक्शन लगवाने की सलाह देते हैं। प्रत्येक डायलिसिस पर लगाना होता है। लेकिन डायलिसिस यूनिट में भी पिछले कई दिनों से आयरन का इंजेक्शन समाप्त चल रहा है।
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कोट
आयरन का इंजेक्शन समाप्त होने की जानकारी नहीं है। अगर आयरन का इंजेक्शन समाप्त हो गया है तो उसे जल्द मंगवा दिया जाएगा। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय
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कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के नए चिकित्सालय भवन की इमरजेंसी में प्रतिदिन 100 के करीब मरीज और जिला चिकित्सालय की ओपीडी में 1500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं।
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इनमें आयरन की कमी वाले करीब 100 मरीज होते हैं। इनमें पांच से 10 मरीजों को भर्ती कर इलाज की जरूरत होती है तो शेष को ओपीडी से परामर्श देकर घर भेज दिया जाता है। लेकिन पिछले कई दिनों से भर्ती मरीजों को लगने वाला आयरन का इंजेक्शन समाप्त चल रहा है। सोनम ने बताया कि मां का इलाज चल रहा है। ब्लड कम होने पर चिकित्सक ने आयरन का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी। लेकिन वार्ड में पहुंचे तो वहां आयरन का इंजेक्शन न होने की बात कहकर भेज दिया। बाजार से आयरन का इंजेक्शन लाकर लगवाना पड़ा। कासिम ने बताया कि भाई भर्ती है उसके शरीर में खून की कमी है। चिकित्सक ने आयरन का समय-समय पर इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी है। लेकिन आयरन का इंजेक्शन न होने पर लगाया नहीं गया।
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डायलिसिस में भी समाप्त चल रहा आयरन का इंजेक्शन
किडनी मरीजों की समय-समय पर डायलिसिस होती रहती है। उन्हें तीन दिन, सप्ताह और 14वें दिन डायलिसिस की जरूरत होती है। डायलिसिस के दौरान चिकित्सक समय-समय पर आयरन का इंजेक्शन लगवाने की सलाह देते हैं। प्रत्येक डायलिसिस पर लगाना होता है। लेकिन डायलिसिस यूनिट में भी पिछले कई दिनों से आयरन का इंजेक्शन समाप्त चल रहा है।
कोट
आयरन का इंजेक्शन समाप्त होने की जानकारी नहीं है। अगर आयरन का इंजेक्शन समाप्त हो गया है तो उसे जल्द मंगवा दिया जाएगा। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय