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Ghaziabad News: संदिग्ध सामान ताइवान भेजने का डर दिखाकर एक लाख ठगे
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गाजियाबाद। वेव सिटी सेक्टर चार के रहने वाले प्रशांत गर्ग से साइबर अपराधियों ने 98,887 रुपये ठग लिए। ठगों ने उनके नाम से संदिग्ध सामान मुंबई से ताइवान भेजने की बात कहकर डराया। इसके बाद बयान दर्ज कराने के नाम पर एक ग्रुप में जोड़कर बैंक खाते का सत्यापन कराने के लिए रकम ट्रांसफर करा ली। शातिरों ने इसके बाद कॉल काटकर संपर्क खत्म कर दिया।
प्रशांत गर्ग का कहना है कि उनके पास एक कुरियर कंपनी से कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उनके नाम से मुंबई से ताइवान कुरियर जा रहा है। जिसे नारकोटिक्स विभाग ने पकड़ा है। उन्होंने कोई कुरियर नहीं भेजने की बात कही तो कॉलर ने उन्हें कुरियर की डिटेल भेज दी। इसके बाद नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी से बात कराई जिसने उन्हें कुरियर के बारे में और जानकारी दी। उसने कहा कि अगर तुमने नहीं भेजा है तो तुम्हें मुंबई आकर बयान दर्ज कराने होंगे। इसके बाद तुम्हें चरित्र प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा। उन्होंने जाने से मना किया तो कॉलर ने उन्हें ऑनलाइन बयान दर्ज कराने का विकल्प दिया। इसके बाद उन्हें स्काइप एप डाउनलोड कराकर एक ग्रुप में जोड़ दिया। जहां उन्हें बयान की पूरी प्रक्रिया बताई। जिसमें उनसे उनके बैंक खाते की पूरी जानकारी ले ली और खाते में रकम के बारे में भी पूछा। नहीं बताने पर खाते बंद करने की बात कही। इसके बाद सत्यापन प्रक्रिया बताकर खाते में पड़ी रकम को ट्रांसफर करा और 30 मिनट में वापस करने का वादा किया। रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपी ने कॉल काट दी। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने वेव सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी वेव सिटी पूनम मिश्रा का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। शातिरों के बारे में जानकारी निकलवाई जा रही है।
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प्रशांत गर्ग का कहना है कि उनके पास एक कुरियर कंपनी से कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उनके नाम से मुंबई से ताइवान कुरियर जा रहा है। जिसे नारकोटिक्स विभाग ने पकड़ा है। उन्होंने कोई कुरियर नहीं भेजने की बात कही तो कॉलर ने उन्हें कुरियर की डिटेल भेज दी। इसके बाद नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी से बात कराई जिसने उन्हें कुरियर के बारे में और जानकारी दी। उसने कहा कि अगर तुमने नहीं भेजा है तो तुम्हें मुंबई आकर बयान दर्ज कराने होंगे। इसके बाद तुम्हें चरित्र प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा। उन्होंने जाने से मना किया तो कॉलर ने उन्हें ऑनलाइन बयान दर्ज कराने का विकल्प दिया। इसके बाद उन्हें स्काइप एप डाउनलोड कराकर एक ग्रुप में जोड़ दिया। जहां उन्हें बयान की पूरी प्रक्रिया बताई। जिसमें उनसे उनके बैंक खाते की पूरी जानकारी ले ली और खाते में रकम के बारे में भी पूछा। नहीं बताने पर खाते बंद करने की बात कही। इसके बाद सत्यापन प्रक्रिया बताकर खाते में पड़ी रकम को ट्रांसफर करा और 30 मिनट में वापस करने का वादा किया। रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपी ने कॉल काट दी। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने वेव सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी वेव सिटी पूनम मिश्रा का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। शातिरों के बारे में जानकारी निकलवाई जा रही है।
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