{"_id":"59172cf24f1c1b173685086e","slug":"now-questions-raised-by-cag-on-master-plan-implementation","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मास्टर प्लान लागू पर सीएजी ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मास्टर प्लान लागू पर सीएजी ने उठाए सवाल
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 13 May 2017 11:01 PM IST
विज्ञापन
विकास कार्यों में तेजी आ गई है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद। मास्टर प्लान-2021 को जीडीए अब तक उसके मूल स्वरूप में लागू नहीं कर पाया है। इस वजह से शहर में अवैध निर्माण की बाढ़ सी आ गई। यही नहीं मोबाइल टावर लगाने की अनुमति देने में भी जीडीए ने नियमों को दरकिनार किया है।
विज्ञापन
जीडीए में ऑडिट कर रही सीएजी टीम ने मास्टर प्लान को लागू करने से लेकर नक्शे पास करने तक के सभी कार्यों पर सवाल उठाते हुए आपत्तियां जताई हैं। ऑडिट टीम ने जीडीए से जवाब मांगा है।
विज्ञापन
सीएजी टीम ने आपत्तियों में कहा है कि गाजियाबाद में मास्टर प्लान के नियमों को दरकिनार किया गया है। शहर में बिना प्लानिंग के रिहायशी क्षेत्र डेवलप किए गए हैं। जीडीए के पास डेवलपमेंट की कोई पॉलिसी नहीं है।
विज्ञापन
यही नहीं जीडीए की ओर से मास्टर प्लान की मॉनीटरिंग भी नहीं की गई है। सीएजी टीम ने बिना बोर्ड की स्वीकृति के मोबाइल टावरों को अनुमति दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्लानिंग विभाग ने बिना एनवायरमेंट क्लीयरेंस के मानचित्रों को स्वीकृति दे दी।
ईडल्ब्यूएस और एलआईजी मकानों के प्रावधानों के बिना नक्शे पास कर दिए गए। ऑडिट विभाग ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी पर भी सवाल उठाए हैं। टीम ने प्रावधान न होने की वजह से अधिग्रहण शुल्क न मिलने पर आपत्ति जताई है।
इसकी वजह से जीडीए को आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग के पास डेवलपमेंट के लिए लांग टर्म एक्शन प्लान न होने पर भी जवाब मांगा है। इसके अलावा ऑडिट टीम ने नर्सिंग होम का लैंडयूज बदलकर स्कूल का करने, एलिवेटेड और मेट्रो प्रोजेक्ट समेत तमाम बड़ी योजनाओं पर सवाल उठाते हुए जीडीए के विभागों से जवाब मांगा है।