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Ghaziabad News: 125 गाड़ियों के स्क्रैप का नहीं मिला रिकॉर्ड, एक करोड़ 15 लाख की कर चोरी का आरोप
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स्क्रैप सेंटर।
गाजियाबाद। लोनी के बड़े स्क्रैप कारोबारी के गोदाम में जीएसटी के छापे में 1.15 लाख करोड़ रुपये की कर चोरी का राज्यकर विभाग ने दावा किया है। विभागीय जांच में 125 चार पहिया और काफी संख्या में थ्री व्हीलर की खरीद फरोख्त का रिकार्ड बुक्स ऑफ एकाउंट में नहीं मिलने पर राज्य कर विभाग ने यह जुर्माना लगाया है।
अपर आयुक्त राज्यकर विभाग ग्रेड वन अजय कुमार गौतम के निर्देश पर सात सदस्यीय टीम ने 48 घंटे तक स्क्रैप कारोबारी के गोदाम और दफ्तर में स्क्रैप वाहनों की खरीद फरोख्त के दस्तावेज खंगाले। संयुक्त आयुक्त राज्य कर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि लोनी के भनेड़ा खुर्द के पास 15 साल से पुराने वाहनों को खरीदकर स्क्रैप से निकलने वाले कॉपर, लोहा और एल्युमिनियम की बिक्री की जाती है। इसके लिए स्क्रैप कारोबारी ने जीएसटी नंबर लिया है। कारोबारी की ओर से नीलामी में स्क्रैप वाहनों की खरीद की जाती है। जून 2026 से कारोबारी ने रिटर्न दाखिल नहीं की। पोर्टल पर जांच के बाद संदेह होने पर टीम ने मौके पर जाकर पूछताछ और जांच पड़ताल की। इसमें पाया गया कि कारोबारी थानों और सरकारी विभागों की ओर से की जाने वाली नीलामी में वाहनों को खरीदने के साथ ही प्राइवेट वाहनों के स्क्रैप को खरीदने का काम करता है। ज्यादातर कबाड़ वाहनों की खरीद फरोख्त के रिटर्न में दर्शाया नहीं जा रहा था। 125 चार पहिया कबाड़ वाहनों की खरीद फरोख्त का हिसाब कारोबारी नहीं दे पाया। इसलिए उस पर 1.15 लाख की कर चोरी का मामला पकड़ा गया। मौके पर पांच लाख रुपये जमा कराए गए हैं। रिकार्ड की जांच की जा रही है। यदि खरीद- फरोख्त सत्यापित नहीं हो पाता है तो कारोबारी को 18 फीसदी ब्याज के साथ जुर्माना जमा करना पड़ेगा।
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अपर आयुक्त राज्यकर विभाग ग्रेड वन अजय कुमार गौतम के निर्देश पर सात सदस्यीय टीम ने 48 घंटे तक स्क्रैप कारोबारी के गोदाम और दफ्तर में स्क्रैप वाहनों की खरीद फरोख्त के दस्तावेज खंगाले। संयुक्त आयुक्त राज्य कर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि लोनी के भनेड़ा खुर्द के पास 15 साल से पुराने वाहनों को खरीदकर स्क्रैप से निकलने वाले कॉपर, लोहा और एल्युमिनियम की बिक्री की जाती है। इसके लिए स्क्रैप कारोबारी ने जीएसटी नंबर लिया है। कारोबारी की ओर से नीलामी में स्क्रैप वाहनों की खरीद की जाती है। जून 2026 से कारोबारी ने रिटर्न दाखिल नहीं की। पोर्टल पर जांच के बाद संदेह होने पर टीम ने मौके पर जाकर पूछताछ और जांच पड़ताल की। इसमें पाया गया कि कारोबारी थानों और सरकारी विभागों की ओर से की जाने वाली नीलामी में वाहनों को खरीदने के साथ ही प्राइवेट वाहनों के स्क्रैप को खरीदने का काम करता है। ज्यादातर कबाड़ वाहनों की खरीद फरोख्त के रिटर्न में दर्शाया नहीं जा रहा था। 125 चार पहिया कबाड़ वाहनों की खरीद फरोख्त का हिसाब कारोबारी नहीं दे पाया। इसलिए उस पर 1.15 लाख की कर चोरी का मामला पकड़ा गया। मौके पर पांच लाख रुपये जमा कराए गए हैं। रिकार्ड की जांच की जा रही है। यदि खरीद- फरोख्त सत्यापित नहीं हो पाता है तो कारोबारी को 18 फीसदी ब्याज के साथ जुर्माना जमा करना पड़ेगा।
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