फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   No company, no transaction... Rs 410 crore worth of business done, lawyer arrested

Ghaziabad News: कंपनी न लेनदेन... हो गया 410 करोड़ का व्यापार, वकील गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2025 01:16 AM IST
विज्ञापन
No company, no transaction... Rs 410 crore worth of business done, lawyer arrested
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर में फर्जी फर्में बनाकर 73 करोड़ रुपये से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का मामला सामने आया है। इसमें शुक्रवार को सीजीएसटी की टीम ने एक अधिवक्ता को मुरादनगर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 40 फर्जी फर्म बनाकर बिना किसी लेनदेन के 410 करोड़ रुपये के बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया।
विज्ञापन


सीजीएसटी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी का नाम विनय सिंह है। उस पर सीजीएसटी एक्ट 2017 की धारा 69 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। नेटवर्क से जुड़ी अन्य फर्मों के बारे में भी जानकारी की जा रही है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार सीजीएसटी विभाग की टीम को डेटा की जांच के दौरान कुछ फर्मों की कार्यशैली संदिग्ध लगी। उसके आधार पर सीजीएसटी कमिश्नर संजय लवानिया, एडिशनल कमिश्नर साहिल सेठ और असिस्टेंट कमिश्नर संजीव ऋषि की अगुवाई में जांच की गई। इसमें 40 फर्जी फर्मों का नाम सामने आया। ये फर्म गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा में हैं। इनके नाम से विनय ने बीते कुछ सालों में 410 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए। इन बिलों के जरिये 73.70 करोड़ रुपये इनपुट टैक्स क्रेडिट ले लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन




फर्म अलग-अलग नामों से, कंट्रोल विनय के पास

पूछताछ में पता चला है कि आरोपी विनय ने अपने साथियों की मदद से अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्म खोली और जीएसटी नंबर लिए। इन फर्मों की पूरी डिटेल विनय के पास रहती थी। वह जीएसटी आईडी से जुड़े यूजरनेम, पासवर्ड और ओटीपी अपने पास रखता था। इनके आधार पर ही पूरा फर्जीवाड़ा होता था। शुरुआती जांच में 40 में से 20 फर्म बंद मिलीं। जो फर्म खुली थीं, वे कारोबार की डिटेल नहीं दे सकीं।



हम किस कंपनी के मालिक

इस मामले में जब जांच शुरू हुई तो कुछ ऐसे नामों से भी आईडी सीजीएसटी टीम को मिलीं, जिन्हें यह तक पता नहीं था कि उनके नाम से कोई फर्म चल रही है। उन लोगों ने किसी सरकारी स्कीम या दूसरे काम के लिए अपने दस्तावेज कुछ लोगों को दिए थे। उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने फर्म तैयार कर टैक्स चोरी की।




बड़ी कंपनियों से तार जुड़े होने का शक

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विनय बिना किसी वस्तु या सेवा की वास्तविक आपूर्ति के फर्जी कंपनियों का संचालन कर रहा था। ऐसे में अंदेशा है कि वह डमी कंपनियां बनाकर कुछ बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचा रहा था। मामले में अब और जानकारी की जा रही है। आगे बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed