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नौतपा का कहर: गाजियाबाद में लू से तीन दिन में नौ मौत; एक बुजुर्ग की अस्पताल के गेट पर, दूसरे की घर में गई जान

Sat, 01 Jun 2024 11:28 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 01 Jun 2024 11:28 PM IST
सार

एक बुजुर्ग एमएमजी अस्पताल के गेट नंबर दो के पास शनिवार सुबह बेहोशी की हालत में पड़े थे। पुलिसकर्मी उन्हें इमरजेंसी में ले गए। जहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

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Nine deaths in three days due to heat wave in Ghaziabad
हीटवेव का खतरा - फोटो : istock

विस्तार

नौतपा की तपिश लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। तीन दिन में लू लगने से नौ लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार देर रात और शनिवार को दो बुजुर्ग गर्मी से बेहोश होकर गिरे और अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिए गए। एक बुजुर्ग अस्पताल के गेट पर ही पुलिसकर्मियों को बेहोश मिले थे। उनकी अभी तक पहचान नहीं हो सकी है।

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विजयनगर के बिहारीपुरा निवासी बनारस (80) को शुक्रवार देर रात परिजन बेहोशी की हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों ने डॉक्टर से बताया कि वह अचानक ही बेहोश हो गए थे। एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव अपने साथ ले गए। डॉक्टर ने बताया कि बुजुर्ग को डिहाइड्रेशन था।

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वहीं, जिला एमएमजी अस्पताल के गेट नंबर दो के पास शनिवार सुबह एक बुजुर्ग बेहोशी की हालत में पड़े थे। पुलिसकर्मी उन्हें इमरजेंसी में ले गए। जहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर का कहना है कि बुजुर्ग की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चल सकेगा। आशंका है कि गर्मी के कारण बेहोश होने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। बुजुर्ग की पहचान नहीं हो सकी है। उनका शव मोर्चरी में रखवाया गया है।

हीट वेव वार्ड हुए लगभग फुल
एमएमजी और संयुक्त अस्पताल में 20-20 बेड के हीट वेव वार्ड बनाए गए हैं। इनमें लू और डायरिया के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। शनिवार को दोनों अस्पतालों के इन वार्डों में अधिकांश बेड पर मरीज भर्ती मिले। दोनों अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में बुखार के मरीजों की संख्या 22 प्रतिशत से ज्यादा रही। एमएमजी अस्पताल में 1500 से ज्यादा मरीज पहुंचे, उनमें 315 मरीज बुखार के थे। जबकि संयुक्त अस्पताल में 180 मरीज बुखार से बीमार थे। बच्चों की संख्या भी दोनों अस्पतालों में 300 से ज्यादा रही।

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पहले से बीमार मरीजों को अधिक परेशानी
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि पहले से बीमार चल रहे मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है। विशेष तौर पर मधुमेह, गुर्दा, हृदय और कैंसर मरीजों में डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा अधिक होता है। ऐसे मरीजों को दोपहर 12 से चार बजे के बीच भीषण गर्मी में घर से निकलने से बचना चाहिए। इसमें सांस रोग से जुड़े मरीजों को भी बेहद एहतियात बरतने की जरूरत होती है। वहीं, डॉ. रंजन ने बताया कि जो लोग अधिक शराब पीते हैं, उन्हें लू और डिहाइड्रेशन से बचने की अधिक जरूरत है।

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