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Ghaziabad News: एनजीटी ने प्रदूषण फैलाने वाली इकाईंयों की मांगी रिपोर्ट
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साहिबाबाद। एनजीटी ने गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों में जल प्रदूषित करने वाली अवैध औद्योगिक इकाइयों की तीन माह के अंदर जिलाधिकारी को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इनमें लोनी, भोपुरा, शहीद नगर, सरला विहार, राजेंद्र नगर, पसौंडा, सभापुर और बेहटा हाजीपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में संचालित अवैध जींस डाइंग और वॉशिंग इकाइयों की संयुक्त टीम से जांच कराकर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
एनजीटी में सामाजिक कार्यकर्ता वरुण गुलाटी की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया कि इन इलाकों में करीब 400 जींस डाइंग और वॉशिंग इकाइयां संचालित हो रही हैं। उन्होंने अपनी याचिका में यह भी कहा कि यह सभी कंपनियां बिना किसी एनओसी के संचालित हो रही हैं। साथ ही पर्यावरण को सबसे ज्प्रयादा दूषित कर रही हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इस संबंध में 19 जून 2026 को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई थी। इससे पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एनजीटी ने कहा कि मामले में मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाना जरूरी है। सुनवाई के दौरान एनजीटी ने यूपीपीसीबी, जीडीए और जिलाधिकारी गाजियाबाद के प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति गठित की है। जिलाधिकारी को समिति का समन्वयक बनाया गया है। एनजीटी ने अपने आदेश में गठित संयुक्त टीम को मौके का निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित जींस डाइंग और वॉशिंग इकाइयों की पहचान करने और आवश्यकतानुसार कार्रवाई कर तीन माह के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर टीम जांच कर जल्द ही रिपोर्ट तैयार करेगी, उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में पहले ही तीन सौ से अधिक फैक्टरियों को सील किया जा चुका है।
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एनजीटी में सामाजिक कार्यकर्ता वरुण गुलाटी की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया कि इन इलाकों में करीब 400 जींस डाइंग और वॉशिंग इकाइयां संचालित हो रही हैं। उन्होंने अपनी याचिका में यह भी कहा कि यह सभी कंपनियां बिना किसी एनओसी के संचालित हो रही हैं। साथ ही पर्यावरण को सबसे ज्प्रयादा दूषित कर रही हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इस संबंध में 19 जून 2026 को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई थी। इससे पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एनजीटी ने कहा कि मामले में मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाना जरूरी है। सुनवाई के दौरान एनजीटी ने यूपीपीसीबी, जीडीए और जिलाधिकारी गाजियाबाद के प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति गठित की है। जिलाधिकारी को समिति का समन्वयक बनाया गया है। एनजीटी ने अपने आदेश में गठित संयुक्त टीम को मौके का निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित जींस डाइंग और वॉशिंग इकाइयों की पहचान करने और आवश्यकतानुसार कार्रवाई कर तीन माह के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर टीम जांच कर जल्द ही रिपोर्ट तैयार करेगी, उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में पहले ही तीन सौ से अधिक फैक्टरियों को सील किया जा चुका है।
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