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किसान आंदोलन को समर्थन देने न्यूयॉर्क से पहुंचे छात्र, आज महिलाएं संभाल रहीं मंच की कमान
Mon, 08 Mar 2021 01:23 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 08 Mar 2021 01:23 PM IST
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किसान आंदोलन (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
यूपी गेट पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मिलने के लिए रविवार को न्यूयॉर्क से छात्र-छात्राओं का एक समूह पहुंचा। उन्होंने राकेश टिकैत से बातचीत में आंदोलन को फंड और खाने-पीने का सामान देकर मदद की पेशकश की, लेकिन राकेश टिकैत ने उनसे सिर्फ अमेरिका में किसान आंदोलन के नाम से पौधे लगाने की अपील की।
वहीं, शाम को गठवाला और बत्तीसा खाप के चौधरियों के पहुंचने से आंदोलन स्थल पर किसानों की संख्या बढ़ गई। चौधरियों ने मंच से सरकार को खापों के बीच न घुसने देने की बात कही।
यूपी गेट पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सुबह करीब 10 बजे किसानों के बीच पहुंचकर उनसे मुलाकात की और आगे आंदोलन को चलाने की रणनीति बनाई। इस दौरान न्यूयॉर्क से आए छात्र-छात्राओं के एक समूह ने राकेश टिकैत से मुलाकात की। जिसमें छात्रा गायत्री ने बताया कि उनके साथ बाकी लोग भारत में बने तीन कृषि कानूनों को समझने के लिए आए हैं।
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छात्रों की ओर से डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की गई, जिसे अमेरिका के लोगों को दिखाकर कानून व किसानों की समस्या के बारे में समझाया जाएगा। गायत्री ने बताया कि उन्होंने आर्थिक मदद व खाने-पीने का सामान देने की बात कही तो राकेश टिकैत ने मना कर दिया और अमेरिका में किसान आंदोलन 2021 और टी (टिकैत) नाम से पौधे लगाने की अपील की।
वहीं राकेश टिकैत ने राजनेताओं की पंचायत व सभा पर कहा कि उन्हें दिल्ली से निकलकर अब गांवों में किसानों की समस्याएं जानने के लिए जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 13 मार्च को बंगाल में किसानों के साथ मीटिंग है। लिहाजा वह किसानों से बात करने के लिए बंगाल जाएंगे।
आज महिलाएं संभाल रहीं मंच
कृषि कानूनों के खिलाफ रविवार को यूपी गेट पर किसानों ने केरल दिवस मनाया। वहीं आंदोलन स्थल पर महिला दिवस को लेकर भी किसानों के बीच रणनीति तैयार हुई। सोमवार को आंदोलन का मंच महिलाएं संभाल रही हैं और भूख हड़ताल पर भी महिलाएं ही बैठी हैं।
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वहीं, शाम को गठवाला और बत्तीसा खाप के चौधरियों के पहुंचने से आंदोलन स्थल पर किसानों की संख्या बढ़ गई। चौधरियों ने मंच से सरकार को खापों के बीच न घुसने देने की बात कही।
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यूपी गेट पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सुबह करीब 10 बजे किसानों के बीच पहुंचकर उनसे मुलाकात की और आगे आंदोलन को चलाने की रणनीति बनाई। इस दौरान न्यूयॉर्क से आए छात्र-छात्राओं के एक समूह ने राकेश टिकैत से मुलाकात की। जिसमें छात्रा गायत्री ने बताया कि उनके साथ बाकी लोग भारत में बने तीन कृषि कानूनों को समझने के लिए आए हैं।
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छात्रों की ओर से डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की गई, जिसे अमेरिका के लोगों को दिखाकर कानून व किसानों की समस्या के बारे में समझाया जाएगा। गायत्री ने बताया कि उन्होंने आर्थिक मदद व खाने-पीने का सामान देने की बात कही तो राकेश टिकैत ने मना कर दिया और अमेरिका में किसान आंदोलन 2021 और टी (टिकैत) नाम से पौधे लगाने की अपील की।
वहीं राकेश टिकैत ने राजनेताओं की पंचायत व सभा पर कहा कि उन्हें दिल्ली से निकलकर अब गांवों में किसानों की समस्याएं जानने के लिए जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 13 मार्च को बंगाल में किसानों के साथ मीटिंग है। लिहाजा वह किसानों से बात करने के लिए बंगाल जाएंगे।
आज महिलाएं संभाल रहीं मंच
कृषि कानूनों के खिलाफ रविवार को यूपी गेट पर किसानों ने केरल दिवस मनाया। वहीं आंदोलन स्थल पर महिला दिवस को लेकर भी किसानों के बीच रणनीति तैयार हुई। सोमवार को आंदोलन का मंच महिलाएं संभाल रही हैं और भूख हड़ताल पर भी महिलाएं ही बैठी हैं।