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Ghaziabad News: छह राज्यों में फैला बोगस फर्मों का जाल, रडार पर 50 और कंपनियां

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 02:44 AM IST
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Network of bogus firms spread in six states, 50 more companies on radar
गाजियाबाद। फर्जी कंपनियां बनाकर बोगस बिलों के जरिये करोड़ों रुपये की वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) चोरी की जांच की आंच कई राज्यों में पहुंच गई है। 110 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम के फर्जीवाड़े में जांच की आंच छह राज्यों तक पहुंच गई है। केंद्रीय माल एवं सेवाकर (सीजीएसटी) विभाग के रडार पर 50 और बोगस फर्में आ गई हैं। इनपर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। वहीं, बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को मेरठ की अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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सीजीएसटी के गाजियाबाद आयुक्तालय की कर अपवंचन शाखा ने चंदर नगर स्थित देविका टावर के पते पर पंजीकृत मैसर्स एएनवीएस ट्रेडर्स नामक फर्म पर छापा मारकर आईटीसी के फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इस मामले में जनकपुरी साहिबाबाद निवासी गौरव तोमर और राजेंद्र नगर निवासी छत्रपाल शर्मा को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान दो वर्ष की अवधि में बिना वास्तविक उत्पादन किए और बिना सेवा दिए ही इस फर्म ने 621 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया। फर्म छत्रपाल शर्मा की अपनी पत्नी आशा देवी के नाम पंजीकृत बताई जा रही है। फर्जी बिलों के जरिये गाजियाबाद, दिल्ली, हरियाणा, लखनऊ, आगरा और गुजरात सहित अन्य जगह बोगस कंपनियों के जाल से कागजों में ही कारोबार दिखाकर अवैध तरीके से आईटीसी क्लेम की जानकारी मिली है। इस मामले में मास्टरमाइंड गौरव तोमर के निवास की जांच में कई अहम दस्तावेज जुटाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में 100 से अधिक फर्जी फर्में बनाकर 110 करोड़ रुपये के आईटीसी का लाभ लेने की जानकारी जुटाई गई थी, लेकिन जांच का दायरा बढ़ने पर शुक्रवार तक यह आंकड़ा और बढ़ गया है। लगभग 50 और बोगस पंजीकरणों की जानकारी जुटाई गई है। बोगस बिलों के जरिये किन फर्मों ने आईटीसी का लाभ लिया, इसकी जांच की जा रही है। अपर आयुक्त आलोक सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जांच जारी है।
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डाटा रिकवर करने में जुटी टीम

जांच के दौरान दोनों आरोपियों के ठिकानों से दस्तावेज और डिजिटल डाटा जुटाया गया है। डाटा को रिकवर करने के लिए विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को लगाया गया है। विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेज की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। कुछ और लोगों की की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिन्होंने बोगस बिलों, फर्जी प्रपत्रों के आधार पर जीएसटी पंजीयन के जरिये आईटीसी का लाभ लिया है। इनकी जांच कर क्रय-विक्रय का सत्यापन करने की कार्रवाई जल्द शुरू होगी। जांच में गलत पाए जाने पर फर्मों का पंजीयन निरस्त करने के अलावा आईटीसी क्लेम पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे चल रहा कर चोरी का खेल
जीएसटी से जुड़े फ्रॉड में बिना किसी वास्तविक कारोबार के फर्जी इनवॉयस बनाकर कारोबार दिखा दिया जाता है। ऐसे कई मामले पकड़े गए हैं जिनमें इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को इनवॉयस या गुड्स और सर्विसेज के बिना क्लेम किया गया। कई मामलों में बोगस फर्मों का खुलासा हो चुका है।

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