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ग्रीन बेल्ट पर चल रहा फार्म हाउस, हो रहीं शादियां

Sat, 26 Nov 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sat, 26 Nov 2016 01:13 AM IST
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Moving on Green Belt Farm House, was to be married
अन्य - फोटो : अमर उजाला

नगर निगम में घपले-घोटालों का सिलसिला थम नहीं रहा है। नगर निगम ने अब आवास विकास परिषद की ग्रीन बेल्ट गुपचुप प्राइवेट बिल्डर के हाथों में सौंप दी। करीब 2000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की यह ग्रीन बेल्ट दो साल की लीज पर दी गई है, जबकि पार्षदों और मेयर को इसकी भनक भी नहीं लगी। स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो मामला सामने आया।

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अब जिला प्रशासन ने इस मामले में जांच शुरू की है। जिला प्रशासन ने नगर निगम से भी जवाब मांगा है।मामला वसुंधरा सेक्टर-18 का है। वार्ड-29 और 58 प्रहलाद गढ़ी के लोगों ने जिला प्रशासन से शिकायत की है। प्रहलादगढ़ी में प्राथमिक विद्यालय के पास आवास विकास परिषद ने ग्रीन बेल्ट के लिए जमीन छोड़ी थी।
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ग्रीन बेल्ट की यह जमीन राजस्व रिकार्ड में अभी भी आवास विकास परिषद के नाम दर्ज है। नगर निगम के उद्यान विभाग ने गुपचुप यह ग्रीन बेल्ट एक प्राइवेट फर्म को सौंप दी। स्थानीय लोगों की मानें तो इस ग्रीन बेल्ट को पूरी तरह घेर लिया गया है और फार्म हाउस संचालित किया जा रहा है। ग्रीन बेल्ट की जमीन पर शादियां और समारोह कराए जा रहे हैं।
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जबकि ग्रीन बेल्ट या पार्क में कोई अन्य गतिविधि नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट यह आदेश जारी कर चुका है। यह जमीन फिलहाल दो वर्ष के लिए लीज पर दी गई है, लेकिन कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जब निर्धारित अवधि के बाद भी नगर निगम अपनी संपत्तियों को प्राइवेट हाथों से नहीं छुड़ा पाया है।

प्रशासन ने इस मामले में सख्ती कर निगम से जवाब तलब किया है। नगर निगम अब डीएम को जानकारी देगा कि यह लीज कब और किन नियमों के आधार पर दी गई है। यह पब्लिक के लिए प्रयोग हो रही है या नहीं।सीनियर पार्षद राजेंद्र त्यागी की मानें तो एक्ट के मुताबिक नगर निगम किसी भी पार्क या ग्रीन बेल्ट को प्राइवेट फर्म को तब तक नहीं दे सकता,

जब तक कार्यकारिणी समिति और बोर्ड उस पर सहमति न दे दे। यही नहीं बड़ी जमीनों को प्राइवेट लोगों को लीज पर देने से पहले शासन की अनुमति भी ली जाती है। वसुंधरा में किसी प्राइवेट फर्म को किसी भी ग्रीन बेल्ट को लीज पर देने की अनुमति सदन ने नहीं दी है। पॉलिसी मामलों में भी अधिकारी नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

संपत्ति और उद्यान विभाग एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
ग्रीन बेल्ट को गुपचुप लीज पर देने का मामला उजागर हुआ तो निगम के संपत्ति और उद्यान विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। निगम के उद्यान प्रभारी व संयुक्त नगर आयुक्त एसके तिवारी का कहना है कि उनके विभाग की ओर से ग्रीन बेल्ट लीज पर नहीं दी गई है। उन्हें मामले की जानकारी भी नहीं है। संभवत: संपत्ति विभाग से लीज की गई होगी।


उधर, निगम के संपत्ति प्रभारी एमपी सिंह का कहना है कि संपत्ति विभाग से लीज नहीं दी गई है। ग्रीन बेल्ट उद्यान विभाग के अंतर्गत आती है।

वसुंधरा निवासियों की शिकायत पर नगर निगम से जवाब मांगा गया है। निगम से पूछा गया है कि किन शर्तों और नियमों के आधार पर ग्रीन बेल्ट को लीज पर दिया गया है। अभी तक जवाब नहीं मिला है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, एडीएम, प्रशासन।

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