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एमएमजी की बत्ती गुल, स्वास्थ्य सेवाएं ठप
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 09 Mar 2017 10:19 PM IST
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अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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बुधवार आधी रात आई आंधी और बारिश से पटेल नगर में टूटे 11केवीए के तार से गुल हुई बिजली से जिला एमएमजी अस्पताल में व्यवस्था की पोल खुल गई। अस्पताल परिसर में दो जनरेटर लगे हैं मगर इनमें से एक की बैटरी करीब एक माह पूर्व चोरी हो गई थी जबकि दूसरा बुधवार रात चलाया गया था जो बृहस्पतिवार सुबह खराब हो गया।
अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही का दंश यहां भर्ती मरीजों को झेलना पड़ा। साढे़ पांच घंटे तक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। इस दौरान न तो कोई एक्सरे हो सका और न ही पैथोलॉजी जांच। यहां तक की दो ऑपरेशन के लिए भी डाक्टरों ने बाद की तारीख दे दी।
एमएमजी अस्पताल में बुधवार रात एक बजे से बिजली गायब रही। ब्लड बैंक, क्षय रोग विभाग में जेनरेटर से काम चला लेकिन एमएमजी का जेनरेटर खराब होने से काफी परेशानी हुई। इसके कारण एक्सरे और पैथोलॉजी के मरीज परेशान रहे।
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एक्सरे के लिए 63 मरीज और पैथोलॉजी में 86 मरीजों के सैंपल लिए गए थे, जिनको सुबह आठ बजे से इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले 15 लोगों की टीम को भी सुबह से इंतजार करना पड़ा।
कई मरीजों को तो बिना इलाज ही वापस लौटना पड़ा। सीएमएस जेके त्यागी का कहना है कि जेनरेटर में तकनीकी खराबी आने से बिजली सप्लाई में बाधा आ गई। मेेकेनिक को बुलवाया गया है, शाम तक जेनरेटर ठीक करा दिया जाएगा।
200 से अधिक मरीजों को हुई दिक्कत
एमएमजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच और एक्सरे के लिए हर रोज करीब 200 मरीज आते हैं। वहीं, गुरुवार को 15 अमरनाथ यात्री भी जांच के लिए पहुंचे थे। सुबह 8 बजे अस्पताल शुरू हो जाता है। इसके चलते पांच घंटे तक लोगों को परेशान होना पड़ा।
अमरनाथ यात्रियों ने लैब से रिपोर्ट न मिलने पर हंगामा भी किया। इन लोगों ने सीएमएस जेके त्यागी के कार्यालय के बाहर शोर करना शुरू किया तो सीएमएस ने लोगों को समझाकर शांत कराया।
अस्पताल में भर्ती खुर्जा निवासी हिमांशु जिसके पैर में फ्रैक्चर था और उसका ऑपरेशन होना था, लेकिन समय पर एक्सरे नहीं पाने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया। वहीं, प्रेम नगर की निवासी 90 साल की कलावती व्हील चेयर से गिर गई थीं, जिससे उनके कूल्हे में चोट लग गई। एक्सरे के लिए आईं थी लेकिन लाइट न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
आंधी पानी ने उड़ाई बिजली
जिला एमएमजी हॉस्पिटल को अलग फीडर से 24 घंटे की सप्लाई दी जाती है। जेई साबिर अली ने बताया कि बुधवार देर रात आंधी के चलते फाल्ट हो गया था। सुबह नौ बजे तक इसे ठीक करा दिया गया था।
महिला अस्पताल में भी रही परेशानी
महिला अस्पताल में बिजली कटौती के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। रात में इंवर्टर से इमरजेंसी में काम चलाया गया। दिन भर जेनरेटर से काम चलाया गया। सीएमएस डॉ. दीपा त्यागी ने बताया कि इन्वर्टर और जेनरेटर से काम चलाया गया। कोई इमरजेंसी केस नहीं था, इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।
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अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही का दंश यहां भर्ती मरीजों को झेलना पड़ा। साढे़ पांच घंटे तक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। इस दौरान न तो कोई एक्सरे हो सका और न ही पैथोलॉजी जांच। यहां तक की दो ऑपरेशन के लिए भी डाक्टरों ने बाद की तारीख दे दी।
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एमएमजी अस्पताल में बुधवार रात एक बजे से बिजली गायब रही। ब्लड बैंक, क्षय रोग विभाग में जेनरेटर से काम चला लेकिन एमएमजी का जेनरेटर खराब होने से काफी परेशानी हुई। इसके कारण एक्सरे और पैथोलॉजी के मरीज परेशान रहे।
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एक्सरे के लिए 63 मरीज और पैथोलॉजी में 86 मरीजों के सैंपल लिए गए थे, जिनको सुबह आठ बजे से इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले 15 लोगों की टीम को भी सुबह से इंतजार करना पड़ा।
कई मरीजों को तो बिना इलाज ही वापस लौटना पड़ा। सीएमएस जेके त्यागी का कहना है कि जेनरेटर में तकनीकी खराबी आने से बिजली सप्लाई में बाधा आ गई। मेेकेनिक को बुलवाया गया है, शाम तक जेनरेटर ठीक करा दिया जाएगा।
200 से अधिक मरीजों को हुई दिक्कत
एमएमजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच और एक्सरे के लिए हर रोज करीब 200 मरीज आते हैं। वहीं, गुरुवार को 15 अमरनाथ यात्री भी जांच के लिए पहुंचे थे। सुबह 8 बजे अस्पताल शुरू हो जाता है। इसके चलते पांच घंटे तक लोगों को परेशान होना पड़ा।
अमरनाथ यात्रियों ने लैब से रिपोर्ट न मिलने पर हंगामा भी किया। इन लोगों ने सीएमएस जेके त्यागी के कार्यालय के बाहर शोर करना शुरू किया तो सीएमएस ने लोगों को समझाकर शांत कराया।
अस्पताल में भर्ती खुर्जा निवासी हिमांशु जिसके पैर में फ्रैक्चर था और उसका ऑपरेशन होना था, लेकिन समय पर एक्सरे नहीं पाने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया। वहीं, प्रेम नगर की निवासी 90 साल की कलावती व्हील चेयर से गिर गई थीं, जिससे उनके कूल्हे में चोट लग गई। एक्सरे के लिए आईं थी लेकिन लाइट न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
आंधी पानी ने उड़ाई बिजली
जिला एमएमजी हॉस्पिटल को अलग फीडर से 24 घंटे की सप्लाई दी जाती है। जेई साबिर अली ने बताया कि बुधवार देर रात आंधी के चलते फाल्ट हो गया था। सुबह नौ बजे तक इसे ठीक करा दिया गया था।
महिला अस्पताल में भी रही परेशानी
महिला अस्पताल में बिजली कटौती के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। रात में इंवर्टर से इमरजेंसी में काम चलाया गया। दिन भर जेनरेटर से काम चलाया गया। सीएमएस डॉ. दीपा त्यागी ने बताया कि इन्वर्टर और जेनरेटर से काम चलाया गया। कोई इमरजेंसी केस नहीं था, इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।