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अक्तूबर में बिछेगी मेट्रो रेल की लाइन
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Mon, 12 Sep 2016 12:56 AM IST
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मेट्रो
- फोटो : amar ujala
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शहर में दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि मेट्रो का निर्माण कार्य निर्धारित समय से चल रहा है। अब अक्तूबर में रेल लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा।डीएमआरसी सूत्रों के अनुसार 280 पिलर खडे करने का काम पूरा हो चुका है। पिलर के ऊपर गाटर डालने का काम चल रहा है।
शहर के अधिकांश इलाकों में पिलर के ऊपर गाटर डाले जा रहे हैं। डीएमआरसी ने रेल लाइन बिछाने की पूरी तैयारी कर ली है। अक्तूबर में रेल लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। रेल लाइन का काम शहीद नगर स्टेशन से आरंभ किया जाएगा।बता दें कि दिसंबर 2017 में मेट्रो का काम पूरा होना है।
पिछले दिनों तीन स्टेशनों के लिए जमीन मिलने में देरी होने से यह प्रोजेक्ट लेट हो गया था। लेकिन डीएमआरसी ने अपने कार्यों में स्पीड पकड़ ली है। प्रोजेक्ट के प्रोग्राम में अक्तूबर में रेल लाइन बिछाने का काम शुरू करना है। इसके लिए डीएमआरसी तैयार है।
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भविष्य में हो सकती है फंड की दिक्कत
डीएमआरसी सूत्रों की मानें तो फिलहाल फंड की कोई दिक्कत नहीं है लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह अभी कहा नहीं जा सकता। 2210 करोड के इस प्रोजेक्ट में जीडीए को 695 करोड़ देना है जिसमें से वह 387 करोड़ दे चुका है।
जीडीए ने डीएमआरसी को यह भरोसा दिलाया है कि वह अपने हिस्से की राशि समय से अदा कर देगा, लेकिन इस प्रोजेक्ट में नगर निगम ने अपने हिस्से के 425 करोड में से एक रुपया भी नहीं दिया है। आवास विकास परिषद को 400 करोड़ देने हैं, उसने अभी तक मात्र 50 करोड़ ही दिए हैं।
इसी तरह यूपीएसआईडीसी ने अपने हिस्से से मात्र साढे़ तीन करोड़ ही दिया है। यह स्थिति बताती है कि भविष्य में फंड का संकट सामने आएगा। इस मामले में डीएमआरसी का कहना है कि केंद्र के राशि के हिस्से को छोड़कर बाकी रकम भुगतान करने की जिम्मेदारी जीडीए की है।
इस बारे में पूछे जाने पर कार्यवाहक चीफ इंजीनियर एके गुप्ता ने कहा कि जीडीए अपने हिस्से की राशि ही चुका सकता है, बाकी राज्य सरकार को नगर निगम, आवास विकास और यूपीएसआईडीसी से भुगतान कराने के लिए पत्र लिखा गया है।
अर्थला पर अब तक नहीं हो पाया फैसला
डीएमआरसी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने रविवार को बताया कि अर्थला मेट्रो स्टेशन पर अब तक यह फैसला नहीं हो सका है कि यह स्टेशन सेल्सटैक्स विभाग की जमीन पर बनेगा या प्राइवेट कंपनी की जमीन पर। इस बारे में जीडीए सचिव रविंद्र गोडबोले ने बताया कि फिलहाल सेल्सटैक्स विभाग से जमीन मिलने का इंतजार किया जा रहा हैी।
अगर वहां से जमीन नहीं मिली तो प्रोजेक्ट को लेट नहीं होने देंगे और प्राइवेट कंपनी से जमीन लेने का निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि इस स्टेशन के लिए सेल्सटैक्स विभाग अपनी जमीन देने को राजी नहीं हुआ है। इस जमीन के पास ही एक प्राइवेट कंपनी की जमीन है और वह जमीन देने को तैयार है।
ये हैं स्टेशन
शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहन नगर, अर्थला, राजनगर एक्सटेंशन और नया बस अड्डा।
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शहर के अधिकांश इलाकों में पिलर के ऊपर गाटर डाले जा रहे हैं। डीएमआरसी ने रेल लाइन बिछाने की पूरी तैयारी कर ली है। अक्तूबर में रेल लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। रेल लाइन का काम शहीद नगर स्टेशन से आरंभ किया जाएगा।बता दें कि दिसंबर 2017 में मेट्रो का काम पूरा होना है।
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पिछले दिनों तीन स्टेशनों के लिए जमीन मिलने में देरी होने से यह प्रोजेक्ट लेट हो गया था। लेकिन डीएमआरसी ने अपने कार्यों में स्पीड पकड़ ली है। प्रोजेक्ट के प्रोग्राम में अक्तूबर में रेल लाइन बिछाने का काम शुरू करना है। इसके लिए डीएमआरसी तैयार है।
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भविष्य में हो सकती है फंड की दिक्कत
डीएमआरसी सूत्रों की मानें तो फिलहाल फंड की कोई दिक्कत नहीं है लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह अभी कहा नहीं जा सकता। 2210 करोड के इस प्रोजेक्ट में जीडीए को 695 करोड़ देना है जिसमें से वह 387 करोड़ दे चुका है।
जीडीए ने डीएमआरसी को यह भरोसा दिलाया है कि वह अपने हिस्से की राशि समय से अदा कर देगा, लेकिन इस प्रोजेक्ट में नगर निगम ने अपने हिस्से के 425 करोड में से एक रुपया भी नहीं दिया है। आवास विकास परिषद को 400 करोड़ देने हैं, उसने अभी तक मात्र 50 करोड़ ही दिए हैं।
इसी तरह यूपीएसआईडीसी ने अपने हिस्से से मात्र साढे़ तीन करोड़ ही दिया है। यह स्थिति बताती है कि भविष्य में फंड का संकट सामने आएगा। इस मामले में डीएमआरसी का कहना है कि केंद्र के राशि के हिस्से को छोड़कर बाकी रकम भुगतान करने की जिम्मेदारी जीडीए की है।
इस बारे में पूछे जाने पर कार्यवाहक चीफ इंजीनियर एके गुप्ता ने कहा कि जीडीए अपने हिस्से की राशि ही चुका सकता है, बाकी राज्य सरकार को नगर निगम, आवास विकास और यूपीएसआईडीसी से भुगतान कराने के लिए पत्र लिखा गया है।
अर्थला पर अब तक नहीं हो पाया फैसला
डीएमआरसी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने रविवार को बताया कि अर्थला मेट्रो स्टेशन पर अब तक यह फैसला नहीं हो सका है कि यह स्टेशन सेल्सटैक्स विभाग की जमीन पर बनेगा या प्राइवेट कंपनी की जमीन पर। इस बारे में जीडीए सचिव रविंद्र गोडबोले ने बताया कि फिलहाल सेल्सटैक्स विभाग से जमीन मिलने का इंतजार किया जा रहा हैी।
अगर वहां से जमीन नहीं मिली तो प्रोजेक्ट को लेट नहीं होने देंगे और प्राइवेट कंपनी से जमीन लेने का निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि इस स्टेशन के लिए सेल्सटैक्स विभाग अपनी जमीन देने को राजी नहीं हुआ है। इस जमीन के पास ही एक प्राइवेट कंपनी की जमीन है और वह जमीन देने को तैयार है।
ये हैं स्टेशन
शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहन नगर, अर्थला, राजनगर एक्सटेंशन और नया बस अड्डा।
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