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Ghaziabad News: अस्पताल का एचओडी बताकर मंगवाई दवा...नहीं किया भुगतान
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गाजियाबाद। खुद को एमएमजी अस्पताल का हेड ऑफ द डिपार्टमेंट बताकर दवा सप्लायर से दवा मंगवाकर भुगतान न करने की घटना सामने आई है। दवा सप्लायर कुमुद ने इस मामले में डॉ. तुषार अग्रवाल को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चिरंजीव विहार निवासी कुमुद ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर 26 नवंबर को एक कॉल आई। बात करने वाले ने खुद का नाम डॉ. तुषार अग्रवाल बताया। कहा कि वह एमएमजी अस्पताल में हेड ऑफ द डिपार्टमेंट हैं और उनको कुछ दवा चाहिए। आरोपी ने दवाओं के नाम लिखवा दिए। आरोपी ने कहा कि वह एमएमजी अस्पताल परिसर में दवा भिजवा दें। वहां उनको भुगतान का चेक दे दिया जाएगा। उन्होंने दवा भिजवा दी। उधर से बात करने वाले ने कहा कि दवा लेने के लिए वह सहायक को भेज रहे हैं। वही भुगतान का चेक दे देंगे। डिलीवरी देने के बाद चेक लेकर उनका कर्मचारी वापस आ गया। जब उन्होंने चेक अपने खाते में लगाया तो वह बाउंस हो गया। जिस नंबर से फोन आया था, उस पर बात करने के लिए फोन मिलाया तो कॉल नहीं उठी। फिर नंबर बंद आने लगा। आरोप है कि उनसे सोची समझी योजना के तहत ठगी की गई है। इस बारे में एसीपी रितेश त्रिपाठी ने बताया कि चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में पूछा जाएगा। मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। इस बारे में सीएमओ अखिलेश मोहन ने बताया कि एमएमजी अस्पताल में तुषार के नाम से कोई भी हेड ऑफ द डिपार्टमेंट नहीं है।
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चिरंजीव विहार निवासी कुमुद ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर 26 नवंबर को एक कॉल आई। बात करने वाले ने खुद का नाम डॉ. तुषार अग्रवाल बताया। कहा कि वह एमएमजी अस्पताल में हेड ऑफ द डिपार्टमेंट हैं और उनको कुछ दवा चाहिए। आरोपी ने दवाओं के नाम लिखवा दिए। आरोपी ने कहा कि वह एमएमजी अस्पताल परिसर में दवा भिजवा दें। वहां उनको भुगतान का चेक दे दिया जाएगा। उन्होंने दवा भिजवा दी। उधर से बात करने वाले ने कहा कि दवा लेने के लिए वह सहायक को भेज रहे हैं। वही भुगतान का चेक दे देंगे। डिलीवरी देने के बाद चेक लेकर उनका कर्मचारी वापस आ गया। जब उन्होंने चेक अपने खाते में लगाया तो वह बाउंस हो गया। जिस नंबर से फोन आया था, उस पर बात करने के लिए फोन मिलाया तो कॉल नहीं उठी। फिर नंबर बंद आने लगा। आरोप है कि उनसे सोची समझी योजना के तहत ठगी की गई है। इस बारे में एसीपी रितेश त्रिपाठी ने बताया कि चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में पूछा जाएगा। मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। इस बारे में सीएमओ अखिलेश मोहन ने बताया कि एमएमजी अस्पताल में तुषार के नाम से कोई भी हेड ऑफ द डिपार्टमेंट नहीं है।
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