फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Maya electoral ace: Three divorces and common civil code

माया का चुनावी इक्का : तीन तलाक और कॉमन सिविल कोड

Tue, 07 Feb 2017 10:17 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Tue, 07 Feb 2017 10:17 PM IST
विज्ञापन
Maya electoral ace: Three divorces and common civil code
मायावती - फोटो : अमर उजाला

कुशाग्र मिश्रा

विज्ञापन

गाजियाबाद। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गाजियाबाद में मंगलवार को अपना चुनावी इक्का चल दिया । तीन तलाक और कॉमन सिविल कोड के बहाने मायावती ने मुस्लिम समाज की दुखती रग पर हाथ रखा और इसी बहाने मुसलमानों को लुभाने की भरपूर कोशिश की।

मायावती ने  ठेठ तीखे अंदाज में बसपा का पक्ष रख अल्पसंख्यक वोटरों को रिझाने की कोशिश की। पिछले दिनों भाजपा के बड़े नेता और  केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मसले पर चुनावी बयान देकर मुसलमान वोट बैंक में सेंध लगाने का सियासी दॉव चला था जिसके जवाब में गाजियाबाद की चुनावी सभा में मायावती अपने बयान से भाजपा की इस सेंध पर पैच लगाने की भरकस प्रयास करती दिखी।
विज्ञापन


मायावती ने ऐलानिया तीन तलाक की वकालत की। साथ ही कॉमन सिविल कोड की मुखालफत भी कर दी। इसके साथ ही वो एक बार फिर प्रचार के आखिरी दौर में मुस्लिम वोटरों को साधती दिखीं। इसके लिए उन्होंने  समाजवादी पार्टी की भीतरी कलह का हवाला देकर खिसके मुस्लिम वोटरों  को भी लुभाने की कोशिश की ।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन तलाक के मसले पर जहां भाजपा इसे खत्म करने के लिए आगे बढ़ रही है, वहीं मायावती ने चुनावी सभा में तीन तलाक का समर्थन किया। इतना ही नहीं बहनजी ने  कॉमन सिविल कोड को भी ठेंगा दिखा दिया। उनका कहना था कि बसपा इससे इत्तेफाक नहीं रखती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मसले पर मुस्लिम समाज के साथ छलावा कर रहे हैं।बीजेपी से मुसलमानों को सहानुभूतिऔर हमदर्दी नहीं चाहिए। आज मुसलमानों की बात करने वाली भाजपा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी से अल्पसंख्यक का दर्जा छीन लेना चाहती है।


आतंकवाद के नाम पर मुस्लिमों को संदेह की नजर से देखा जा रहा है। यूपी में आरएसएस के एजेंडे के तहत संप्रदायिकता फैलाई जा रही है ।भाजपा के राज में सच्चर कमेटी की सिफारिशें कभी लागू नहीं हो सकती हैं।  इसलिए सुरक्षा और न्याय के राज के लिए मुसलमानों को अपने वोटों को बटंने से रोकना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed