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मथुरा शताब्दी बस सेवा घाटे में, नहीं मिल रहे यात्री
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:04 AM IST
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बस
- फोटो : अमर उजाला
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यात्रियों की सहूलियत के लिए गाजियाबाद से मथुरा के बीच शुरू की गई एसी शताब्दी बस सेवा रोडवेज के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। प्रतिदिन चलाई जा रही दो बसों को पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। अब इस बस का रूट बदलने पर मंथन किया जा रहा है।
परिवहन निगम ने करीब डेढ़ महीने पहले इन बसों का संचालन पुराने बस अड्डे से शुरू किया था। यह बस दादरी, सिकंदराबाद, अलीगढ़ होते हुए मथुरा जाती है। शुरुआत से ही इन बसों को यात्री नहीं मिल पा रहे। गाजियाबाद बस अड्डे से मथुरा की औसतन चार-पांच सवारियों को लेकर यह बसें रवाना होती हैं।
बीच रास्ते की सवारियों को लेकर किसी तरह बसों का खर्च निकाला जा रहा है। रोडवेज के एआरएम आरसी सुखीजा का कहना है कि इन बसों की आनलाइन और काउंटर एडवांस बुकिंग की सुविधा दिए जाने पर भी यात्रियों का रुझान इनकी तरफ नहीं बढ़ रहा।
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इनमें से एक बस सुबह आठ बजे और दूसरी दोपहर बाद रवाना होती है। एआरएम का कहना है कि अनुबंध के आधार पर चलाई जा रही इन बसों के संचालक भी अब इनका रूट बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस पर मंथन किया जा रहा है, हालांकि अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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परिवहन निगम ने करीब डेढ़ महीने पहले इन बसों का संचालन पुराने बस अड्डे से शुरू किया था। यह बस दादरी, सिकंदराबाद, अलीगढ़ होते हुए मथुरा जाती है। शुरुआत से ही इन बसों को यात्री नहीं मिल पा रहे। गाजियाबाद बस अड्डे से मथुरा की औसतन चार-पांच सवारियों को लेकर यह बसें रवाना होती हैं।
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बीच रास्ते की सवारियों को लेकर किसी तरह बसों का खर्च निकाला जा रहा है। रोडवेज के एआरएम आरसी सुखीजा का कहना है कि इन बसों की आनलाइन और काउंटर एडवांस बुकिंग की सुविधा दिए जाने पर भी यात्रियों का रुझान इनकी तरफ नहीं बढ़ रहा।
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इनमें से एक बस सुबह आठ बजे और दूसरी दोपहर बाद रवाना होती है। एआरएम का कहना है कि अनुबंध के आधार पर चलाई जा रही इन बसों के संचालक भी अब इनका रूट बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस पर मंथन किया जा रहा है, हालांकि अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।