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Ghaziabad News: आर्बिटल रेल प्रोजेक्ट के हिसाब से मास्टर प्लान 2031 में होंगे संशोधन
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गाजियाबाद। जीडीए के मास्टर प्लान-2031 में आर्बिटल रेल प्रोजेक्ट के लिए भी प्रावधान किए जाएंगे। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के समानांतर आर्बिटल रेल का कॉरिडोर बनाया जाएगा और गाजियाबाद सीमा क्षेत्र इसके दो स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित है। इस प्रोजेक्ट के लिए एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) बनाकर हरियाणा सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। हरियाणा की ओर से यूपी सरकार से भी इस प्रोजेक्ट में सहभागिता और अलाइनमेंट चिह्नित करने के लिए सहमति मांगी है। इसके लिए पहले शासन स्तर पर और फिर मंडलायुक्त ने बैठक की। अब मास्टर प्लान में ऐसे प्रावधान किए जाएंगे, ताकि प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण में दिक्कत न हो।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के मास्टर प्लान-2041 में आर्बिटल रेल के दो कॉरिडोर बनाने का प्रावधान किया गया है। भविष्य में एनसीआर क्षेत्र में आबादी बढ़कर 11 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। इसको देखते हुए यातायात के यह संसाधन विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। पहला आर्बिटल रेल कॉरिडोर पलवल से ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद के डासना और मुरादनगर इसके बाद बागपत होते हुए हरियाणा की ओर जाएगा। इसके बाद दूसरा कॉरिडोर हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर, शामली और पानीपत होते हुए एनसीआर के चारों ओर बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। हरियाणा में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने के बाद अब यूपी में भी जल्द ही काम शुरू हो सकता है। बीते दिनों मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे. ने इस संबंध में जीडीए अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पहले रेल ऑर्बिटल कॉरिडोर की संभावनाओं को देखते हुए जीडीए के मास्टर प्लान-2031 में भी जमीनों का भू-उपयोग इस तरह से रखा जाएगा ताकि जमीन अधिग्रहण में दिक्कत न हो।
स्टेशन के लिए संभावित क्षेत्रों की जमीनों का भू-उपयोग ऐसी कैटेगरी में नहीं रखा जाएगा, जिससे उसे बदलने में दिक्कत हो या फिर अधिग्रहण की वजह से प्रोजेक्ट की लागत न बढ़े। हालांकि तैयारी अभी शुरुआती दौर में हैं, लेकिन एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से तैयार किए गए मास्टर प्लान-2041 को मंजूरी मिलने के बाद इस पर तेजी से काम शुरू किए जाने की संभावना है।
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माल ढुलाई में भी इस्तेमाल हो सकेगा आर्बिटल रेल कॉरिडोर
एनसीआर के सभी शहरों को जोड़ने वाले आर्बिटल रेल कॉरिडोर न केवल यात्रियों के सफर के लिए सहूलियत वाला होगा, बल्कि माल ढुलाई के लिए भी अनुकूल होगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और रैपिडेक्स कॉरिडोर के आसपास बनाए जाने वाले लॉजिस्टिक हब से माल लाना-ले जाना आसान होगा। एनसीआर के एक से दूसरे शहर में माल भेजने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। रेल से माल ढुलाई करना सस्ता भी हो जाएगा।
जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह का कहना है कि आर्बिटल रेल कॉरिडोर में गाजियाबाद क्षेत्र में डासना और मुरादनगर में स्टेशन बनाए जाने की संभावना है। इनके लिए जमीन चिह्नित की जाएगी। मास्टर प्लान-2031 में कॉरिडोर के लिए जमीन निर्धारित की जाएगी।
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एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के मास्टर प्लान-2041 में आर्बिटल रेल के दो कॉरिडोर बनाने का प्रावधान किया गया है। भविष्य में एनसीआर क्षेत्र में आबादी बढ़कर 11 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। इसको देखते हुए यातायात के यह संसाधन विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। पहला आर्बिटल रेल कॉरिडोर पलवल से ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद के डासना और मुरादनगर इसके बाद बागपत होते हुए हरियाणा की ओर जाएगा। इसके बाद दूसरा कॉरिडोर हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर, शामली और पानीपत होते हुए एनसीआर के चारों ओर बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। हरियाणा में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने के बाद अब यूपी में भी जल्द ही काम शुरू हो सकता है। बीते दिनों मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे. ने इस संबंध में जीडीए अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पहले रेल ऑर्बिटल कॉरिडोर की संभावनाओं को देखते हुए जीडीए के मास्टर प्लान-2031 में भी जमीनों का भू-उपयोग इस तरह से रखा जाएगा ताकि जमीन अधिग्रहण में दिक्कत न हो।
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स्टेशन के लिए संभावित क्षेत्रों की जमीनों का भू-उपयोग ऐसी कैटेगरी में नहीं रखा जाएगा, जिससे उसे बदलने में दिक्कत हो या फिर अधिग्रहण की वजह से प्रोजेक्ट की लागत न बढ़े। हालांकि तैयारी अभी शुरुआती दौर में हैं, लेकिन एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से तैयार किए गए मास्टर प्लान-2041 को मंजूरी मिलने के बाद इस पर तेजी से काम शुरू किए जाने की संभावना है।
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माल ढुलाई में भी इस्तेमाल हो सकेगा आर्बिटल रेल कॉरिडोर
एनसीआर के सभी शहरों को जोड़ने वाले आर्बिटल रेल कॉरिडोर न केवल यात्रियों के सफर के लिए सहूलियत वाला होगा, बल्कि माल ढुलाई के लिए भी अनुकूल होगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और रैपिडेक्स कॉरिडोर के आसपास बनाए जाने वाले लॉजिस्टिक हब से माल लाना-ले जाना आसान होगा। एनसीआर के एक से दूसरे शहर में माल भेजने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। रेल से माल ढुलाई करना सस्ता भी हो जाएगा।
जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह का कहना है कि आर्बिटल रेल कॉरिडोर में गाजियाबाद क्षेत्र में डासना और मुरादनगर में स्टेशन बनाए जाने की संभावना है। इनके लिए जमीन चिह्नित की जाएगी। मास्टर प्लान-2031 में कॉरिडोर के लिए जमीन निर्धारित की जाएगी।