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महापंचायत में गरजे टिकैत, मुआवजा नहीं तो जमीन लेंगे वापस
ब्यूरो/ अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 30 Apr 2016 01:11 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे चार गांवों के किसानों ने शुक्रवार को एक वर्ष पूरे होने पर महापंचायत की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अब सरकार से जमीन वापसी की मांग की है। इस महापंचायत में नोएडा, मेरठ, हापुड़ बुलंदशहर के भाकियू पदाधिकारी समेत करीब ढाई हजार किसान शामिल हुए।
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हरसांव स्थित एनडीआरएफ की आठवीं बटालियन के पास किसानों के धरने को एक वर्ष पूरे होने पर महापंचायत आयोजित की गई। किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रदेश सरकार के 30 जनवरी 2015 को जारी आदेश के मुताबिक किसानों से मुआवजे के बजाए अपनी जमीन वापस लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में विचाराधीन मामले में कोई भी फैसला नहीं होने तक जमीनों पर निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
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भाकियू के मंडल अध्यक्ष राजबीर सिंह ने बताया कि राकेश टिकैत ने 500 बीघा खाली पड़ी जमीन पर पहली बारिश के बाद से खेती की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस महापंचायत में मेरठ, हापुड़, नोएडा, बुलंदशहर से आए भाकियू के पदाधिकारियों ने शिरकत की। सभी से एकजुट रहकर पूर्ण सहयोग देने की बात कही। इस दौरान जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, पार्षद हरीश चौधरी, सत्ते आढ़ती, राजेंद्र सिंह, उर्मिला, पूनम, शीला देवी, चंदा देवी आदि समेत हजारों किसान मौजूद रहे।
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मई के पहले सप्ताह में मिलों में रखी चीनी और शीरे पर करेंगे कब्जा
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गन्ना किसानों के भुगतान नहीं मिलने पर मई के पहले सप्ताह में पूरे प्रदेश की चीनी मिलों पर कब्जा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसान मिल में रखी चीनी और शीरे पर कब्जा कर उसे बेच कर अपना भुगतान स्वयं कर लें।