दांपत्य जीवन में दरार: पति को बॉस, लाइनमैन तो कभी प्लंबर करते कॉल, चाहिए तलाक; काउंसलिंग में महिलाओं का दर्द
मोबाइल में छिपे नंबर और चैट पति-पत्नी के बीच अविश्वास बढ़ा रहे हैं। पति प्रेमिकाओं के नंबर अधिकारी या नलसाज नाम से सेव करते हैं, जिससे तलाक के मामले बढ़ रहे हैं।
विस्तार
मोबाइल फोन में छिपे नंबर और चैट पति-पत्नी के बीच अविश्वास की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। परिवार परामर्श केंद्र में लगातार दांपत्य विवादों के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। कई मामलों में पत्नियों का आरोप है कि पति ने अपनी गर्लफ्रेंड के नंबर बॉस, लाइनमैन या प्लंबर नाम से सेव कर रखे थे। शक होने पर जांच की तो सच्चाई सामने आई। इसके बाद रिश्तों में दरार इतनी गहरी हो गई कि मामला तलाक तक पहुंच गया।
एक मामले में शाहदरा की महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया कि वह बॉस के नाम से सेव नंबर पर लगातार बात करता था। पत्नी ने उस नंबर पर कॉल किया तो महिला पति की गर्लफ्रेंड निकली। शिकायत के बाद भी पति ने नंबर का नाम बदलकर छिपाने की कोशिश की, जिससे विवाद और बढ़ गया।
केस–एक
नंदग्राम की महिला ने बताया कि शादी को छह साल हो चुके हैं। उनका एक बेटा भी है। पति के मोबाइल में एल-एक्सएक्सएक्स नाम से सेव नंबर से लगातार कॉल आती थीं। जांच में पता चला कि वह नंबर उनकी चचेरी बहन का था। कुछ समय बाद प्लंबर नाम से सेव एक और नंबर मिला, जो पति की बहन की ननद का निकला। आगे की पड़ताल में सामने आया कि पति ने उसी महिला से कोर्ट मैरिज कर ली है। पीड़िता ने तलाक के लिए आवेदन किया है।
केस–दो
विजयनगर की महिला ने आरोप लगाया कि उसकी ही बड़ी बहन से पति का प्रेम संबंध है। कई बार विवाद होने के बावजूद दोनों अलग होने को तैयार नहीं हैं। महिला का कहना है कि उसकी बहन लगातार गिफ्ट की मांग करती है और पति अपनी कमाई उस पर खर्च कर रहा है। इससे परिवार आर्थिक तंगी और सामाजिक बदनामी का सामना कर रहा है। पीड़िता ने तलाक की मांग की है।
केस–तीन
राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाली महिला ने बताया कि उसकी शादी दो साल पहले कविनगर निवासी इंजीनियर से हुई थी। पति गुड़गांव में रहते हैं और सप्ताहांत पर बॉस से लगातार बात करते हैं। जांच में पता चला कि बॉस के नाम से सेव नंबर दरअसल उनकी गर्लफ्रेंड का है और दोनों एक ही फ्लैट में रह रहे हैं।
परिवार परामर्श केंद्र पर वर्ष 2025 में आए मामले
प्रार्थना पत्र- 3330
समझौते- 620
एफआईआर- 265
लंबित- 324
काउंसलिंग - 889
परिवार परामर्श केंद्र पर महिलाएं और पुरुष मोबाइल फोन में मिले संदिग्ध नंबर, चैट्स को लेकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। मामूली विवादों में समझौते के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ मामलों में दंपती तलाक के लिए अडिग रहता है तो एफआईआर दर्ज करा दी जाती है। प्रेम-प्रसंग और मोबाइल फोन दांपत्य जीवन में कड़वाहट घोल रहे हैं। - पुष्पा सिंह, महिला परिवार परामर्श केंद्र