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Ghaziabad News: डयूटी के दौरान कफ सिरप, होम्योपैथी की दवा नहीं खा सकेेंगे लोको पायलट

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2025 12:13 AM IST
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Loco pilots will not be able to consume cough syrup, homeopathy medicine while on duty
अनिल त्यागी
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गाजियाबाद। लोको पायलट अब ड्यूटी के दौरान कफ सिरप, होम्योपैथी की दवाएं, नारियल पानी, माउथ वॉश व साॅफ्ट ड्रिंक नहीं पी सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। यदि लोको पायलट बीमार हैं या फिर उसको खांसी है तो मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उनको छुट्टी दी जाएगी।
जनवरी माह में लोको पायलट की जांच के लिए अभियान चलाया गया था। इसमें बड़ी तादाद में लोको पायलट ऐसे मिले, जिनकी ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट रिपोर्ट फेल पाई गई। जब उनका मेडिकल कराया गया तो रिपोर्ट सही पाई गई। ऐसे में बड़ी तादाद में लोको पायलट ने अधिकारियों से गलत रिपोर्ट आने की शिकायत भी दर्ज कराई थी।
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-कई बनाते हैं बहाना : अभियान में कई लोको पायलट ऐसे मिले, जिन्होंने शराब पी हुई थी, लेकिन उन्होंने बहाना बनाया कि उन्होंने कफ सिरप लिया है या फिर होम्योपैथी की दवा खाई है। यह बात उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में भी लिखी। इसी बहाने की वजह से अधिकारियों को उनके खिलाफ कार्रवाई करने में दिक्कत आई। इसी को देखते हुए यह नया नियम लागू किया गया है। रेलवे नियम के मुताबिक, यदि कोई लोको पायलट शराब के नशे में ट्रेन दौड़ाता है तो उसका पहले निलंबन व बाद में बर्खास्त की कार्रवाई भी हो सकती है।
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डयूटी पर जाने व आने पर होता है टेस्ट : लोको पायलट ड्यूटी पर जाने से पहले अपना ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराते हैं। इसके लिए उनको एनालाइजिंग मशीन में फूंक मारनी पड़ती है। डयूटी खत्म करके लौटने पर भी उनको इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। अल्कोहल की स्थिति में मशीन लाल बत्ती के साथ बीप देती है। यह सूचना सीधे मुख्यालय जाती है। इसके बाद लोको पायलट का मेडिकल भी कराया जाता है।
-इतनी होती है मात्रा : होम्योपैथी चिकित्साधिकारी विद्यासागर ने बताया कि होम्योपैथी की दवाओं में 78-96 फीसदी तक अल्कोहल होता है। इसके अलावा सिरप में 25 फीसदी अल्कोहल होता है। इन दवाओं का सेवन एक बार करने के बाद यदि किसी की 10-15 मिनट के अंदर जांच होती है तो ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में अल्कोहल आएगी। दिन में दो से तीन बार इनका सेवन करने पर भी जांच रिपोर्ट में अल्कोहल आना संभव है।

दिल्ली डिवीजन में सबसे ज्यादा मामले : 2023 में रेलवे बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़े में बताया गया कि दिल्ली डिवीजन में सबसे ज्यादा 481 लोको पायलट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में फेल हुए हैं। यह जांच तब कराई गई जब वह डयूटी खत्म करके लौट रहे थे। यानी इन लोको पायलट ने शराब पीकर ट्रेन चलाई थी। इस बारे में नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि रेलवे यात्रा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से तमाम प्रयोग किए जा रहे हैं। जल्द ही और भी कई बदलाव देखने को मिलेंगे।
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