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Ghaziabad News: ऋण माफिया लक्ष्य तंवर की 15 करोड़ की संपत्ति कुर्क
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गाजियाबाद। 400 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले के मुख्य आरोपी लक्ष्य तंवर और उसके साथियों की पुलिस ने बुधवार को 15 करोड़ रुपये की छह संपत्तियों को कुर्क किया है। पुलिस ने कोतवाली में एक, सिहानी गेट में दो और कविनगर में तीन संपत्ति को जब्त किया है। पुलिस अधिकारियों ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ बजाते हुए मुनादी की। इसके बाद संपत्तियों पर सील लगाई।
डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि ऋण घोटाले के आरोपी लक्ष्य को दो साल पहले जेल भेजा जा चुका है। मामले में लक्ष्य समेत 12 आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इनमें से 10 आरोपी जेल में बंद हैं। इनकी चल-अचल व बेनामी संपत्ति चिन्हित की गई थी। लक्ष्य तंवर और गिरोह के सहयोगी सुनील कुमार व दक्ष बग्गा ने अवैध तरीके से धन अर्जित कर यह संपत्ति खड़ी की थी। इन संपत्तियां कुर्क की गई है। इसके अलावा अन्य आरोपियों की संपत्ति चिन्हित की जा रही है। जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार और संपत्ति को चिन्हित कर कुर्क किया जाएगा।
अभी तक कुल 44 करोड़ की 21 संपत्ति हो चुकी हैं जब्त
डीसीपी नगर ने बताया कि ऋण माफिया और इसके गिरोह के सदस्यों की 21 संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है। साथ ही 18 वाहन भी जब्त कर लिए गए हैं। इन सभी की कीमत करीब 44 करोड़ रुपये है।
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पांच आरोपियों पर 15-15 हजार का इनाम
मुख्य आरोपी लक्ष्य तंवर, पिता अशोक कुमार, बैंक अधिकारी प्रियदर्शनी, रामनाथ मिश्रा, उत्कर्ष कुमार और लक्ष्य के अन्य साथी वरुण त्यागी, शिवम, सुनील अरोड़ा, नरेश बग्गा, तुषार गोयल, सुमित, निरंजन को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक अधिकारी तारिक हुसैन और संजय अभी फरार हैं। पांच आरोपी दक्ष बग्गा, विशेष बहल, सूरज कालरा, राजरानी कालरा और सुनील कुमार पर पुलिस ने 15-15 हजार का इनाम घोषित किया हुआ है। पुलिस सुनील को गिरफ्तार कर चुकी है।
ऐसे किया घोटाला
लक्ष्य लोगों की जमीन अच्छे दाम पर बिकवाने या उस पर ऋण कराने के नाम पर मूल कागजात लेता था। इनकी फोटोकॉपी करा लेता था। फिर मूल कागजात ग्राहक न मिलने की बात कहकर लौटा देता था। बैंककर्मियों से सांठगांठ होने से फोटोकॉपी के आधार पर ही ऋण ले लेता था। बैंक अफसर इसकी कोई पड़ताल नहीं कराते थे। उसने ऋण लेने के लिए 257 फर्जी कंपनियां बनाई और उनके नाम से खाते खुलवाए। लक्ष्य संपत्ति से कई गुना ज्यादा की कीमत का ऋण लेता था। इसकी जानकारी संपत्ति मालिक को नहीं होती थी।
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डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि ऋण घोटाले के आरोपी लक्ष्य को दो साल पहले जेल भेजा जा चुका है। मामले में लक्ष्य समेत 12 आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इनमें से 10 आरोपी जेल में बंद हैं। इनकी चल-अचल व बेनामी संपत्ति चिन्हित की गई थी। लक्ष्य तंवर और गिरोह के सहयोगी सुनील कुमार व दक्ष बग्गा ने अवैध तरीके से धन अर्जित कर यह संपत्ति खड़ी की थी। इन संपत्तियां कुर्क की गई है। इसके अलावा अन्य आरोपियों की संपत्ति चिन्हित की जा रही है। जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार और संपत्ति को चिन्हित कर कुर्क किया जाएगा।
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अभी तक कुल 44 करोड़ की 21 संपत्ति हो चुकी हैं जब्त
डीसीपी नगर ने बताया कि ऋण माफिया और इसके गिरोह के सदस्यों की 21 संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है। साथ ही 18 वाहन भी जब्त कर लिए गए हैं। इन सभी की कीमत करीब 44 करोड़ रुपये है।
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पांच आरोपियों पर 15-15 हजार का इनाम
मुख्य आरोपी लक्ष्य तंवर, पिता अशोक कुमार, बैंक अधिकारी प्रियदर्शनी, रामनाथ मिश्रा, उत्कर्ष कुमार और लक्ष्य के अन्य साथी वरुण त्यागी, शिवम, सुनील अरोड़ा, नरेश बग्गा, तुषार गोयल, सुमित, निरंजन को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक अधिकारी तारिक हुसैन और संजय अभी फरार हैं। पांच आरोपी दक्ष बग्गा, विशेष बहल, सूरज कालरा, राजरानी कालरा और सुनील कुमार पर पुलिस ने 15-15 हजार का इनाम घोषित किया हुआ है। पुलिस सुनील को गिरफ्तार कर चुकी है।
ऐसे किया घोटाला
लक्ष्य लोगों की जमीन अच्छे दाम पर बिकवाने या उस पर ऋण कराने के नाम पर मूल कागजात लेता था। इनकी फोटोकॉपी करा लेता था। फिर मूल कागजात ग्राहक न मिलने की बात कहकर लौटा देता था। बैंककर्मियों से सांठगांठ होने से फोटोकॉपी के आधार पर ही ऋण ले लेता था। बैंक अफसर इसकी कोई पड़ताल नहीं कराते थे। उसने ऋण लेने के लिए 257 फर्जी कंपनियां बनाई और उनके नाम से खाते खुलवाए। लक्ष्य संपत्ति से कई गुना ज्यादा की कीमत का ऋण लेता था। इसकी जानकारी संपत्ति मालिक को नहीं होती थी।