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Ghaziabad News: अपहरण कर युवक की हत्या करने वालों को आजीवन कारावास
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गाजियाबाद। ट्राॅनिका सिटी थाना क्षेत्र के लुतफुल्लापुर निवासी अरुणपाल को घर से बुलाकर हत्या करने वाले दो अभियुक्तों को एडीजे सात के न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्तों ने वर्ष 2016 में वारदात को अंजाम दिया था।
कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ट्रॉनिका सिटी थानाक्षेत्र के लुतफुल्लापुर नवादा निवासी अरुणपाल को आठ फरवरी 2016 को गांव में रहने वाला नीरज और सौरभ घर से बुलाकर ले गए थे। अरुणपाल वापस नहीं लौटे तब परिजनों ने नीरज और सौरभ के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। 10 फरवरी को पुलिस ने सौरभ और नीरज की निशानदेही पर अरुणपाल का शव नाले से बरामद किया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अरुण की हत्या गला दबाकर की थी। इसके बाद शव नाले में फेंक दिया था। मृतक के पिता जय किशन ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराते हुए नीरज, सौरभ, सन्नी और सुभाष को नामजद कराया।
पुलिस ने जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई एडीजे-सात नेत्रपाल सिंह की कोर्ट में हुई। साक्ष्य के अभाव में सुभाष और सन्नी को दोषमुक्त करार दिया। मामले में नौ गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर नीरज और सौरभ को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया है।
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कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ट्रॉनिका सिटी थानाक्षेत्र के लुतफुल्लापुर नवादा निवासी अरुणपाल को आठ फरवरी 2016 को गांव में रहने वाला नीरज और सौरभ घर से बुलाकर ले गए थे। अरुणपाल वापस नहीं लौटे तब परिजनों ने नीरज और सौरभ के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। 10 फरवरी को पुलिस ने सौरभ और नीरज की निशानदेही पर अरुणपाल का शव नाले से बरामद किया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अरुण की हत्या गला दबाकर की थी। इसके बाद शव नाले में फेंक दिया था। मृतक के पिता जय किशन ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराते हुए नीरज, सौरभ, सन्नी और सुभाष को नामजद कराया।
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पुलिस ने जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई एडीजे-सात नेत्रपाल सिंह की कोर्ट में हुई। साक्ष्य के अभाव में सुभाष और सन्नी को दोषमुक्त करार दिया। मामले में नौ गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर नीरज और सौरभ को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया है।
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