गाजियाबाद में गर्मी का कहर: गर्मी से बेहोश हुए वकील और किशोरी, अब डायरिया और उल्टी-दस्त भी पसार रहे पैर
गुरुवार को गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल में 1317 नए मरीज इलाज के लिए आए। इनमें बुखार के 263 मरीज थे, जबकि अधिकांश मरीज सिरदर्द, बेचैनी, उल्टी-दस्त, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आने, मतली, गर्मी की थकावट और लू के थे।
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प्रचंड गर्मी के ताप से बेहोश हुए युवा अधिवक्ता जितेंद्र को कचहरी से और मोरटा निवासी एक किशोरी के घर में बेहोश होने पर परिजनों ने संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया है। हालांकि अब दोनों की हालत में सुधार है। वहीं एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए आए 62 वर्षीय बुजुर्ग हरिओम और महिला देवकी भी बेहोश हो गए। दोनों को इमरजेंसी में ले जाया गया। इलाज के बाद दोनों को छुट्टी दी गई। बाग कॉलोनी निवासी महिला अफसाना की हृदयाघात से मौत हो गई।
संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीसी पांडेय ने बताया कि अधिवक्ता जितेंद्र को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जितेंद्र मोदीनगर स्थित अपने घर से बाइक चलाकर कचहरी पहुंचे और वह बेहोश हो गए। उनके साथी अधिवक्ता दीपक ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। वहीं, मोरटा निवासी वीरेंद्र की 13 वर्षीय बेटी वंशिका घर में अचानक बेहोश हो गई। परिजन किशोरी को अस्पताल ले गए। इलाज के डेढ़ घंटे बाद उसे भी छुट्टी दे दी गई। बच्ची गर्मी के कारण बेहोश हुई थी।
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार देर रात इस्लाम नगर निवासी 50 वर्षीय अफसाना को उसके परिजन बेसुध अवस्था में अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने चिकित्सकों को बताया कि अफसाना का दिल्ली में दिल की बीमारी का इलाज चल रहा था। बुधवार को डॉक्टर को दिखाना था, लेकिन किसी कारण वश वह दिल्ली नहीं जा पाई और गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
सीएमएस डॉ. सिंह ने बताया कि गुरुवार को 1317 नए मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आए थे। इनमें 645 पुरुष और 457 महिलाओं के अलावा 257 बच्चे भी थे। इनमें बुखार के 263 मरीज थे, जबकि अधिकांश मरीज सिरदर्द, बेचैनी, उल्टी-दस्त, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आने, मतली, गर्मी की थकावट और लू के थे। अस्पताल में 26 मरीजों को भर्ती किया गया। इमरजेंसी में 97 मरीज पहुंचे थे। वहीं संयुक्त अस्पताल में 807 मरीजों का पंजीकरण हुआ था। इनमें 51 बच्चे डायरिया से ग्रसित थे। 450 से अधिक मरीजों को बुखार और गर्मी के कारण परेशानी हुई थी।
दूषित पानी से बचें
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि दूषित पानी और बाहर के खाने की वजह से लोगों में संक्रमण फैल रहा है। इसी तरह लू लगने से भी लोगों को परेशानी हो रही है। इसलिए उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। गर्मी में लोगों को बाहर के खाने से परहेज करना चाहिए।