फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Land purchased thirty years ago, possession and compensation not yet received

Ghaziabad News: तीस वर्ष पहले खरीदी जमीन अब तक नहीं मिला कब्जा और मुआवजा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 04 May 2024 02:56 AM IST
विज्ञापन
Land purchased thirty years ago, possession and compensation not yet received
साहिबाबाद। तीस वर्ष पूर्व 88 रुपये के गज से खरीदी जमीन जो आज करोड़ों की हो गई, लेकिन खरीदार आज तक भी अपनी जमीन पर मालिकाना हक पाने को भटक रहे हैं। इन वर्षों में समिति की जमीन पर अवैध तौर पर कब्जा भी हो चुका है, जिनकी जमीन थी आवास विकास उन्हें उनका कब्जा नहीं दे पा रहा।
विज्ञापन

समिति सदस्य बुद्धि सिंह बरवाल ने बताया कि वर्ष 1992 में हिमाचल सहकारी आवास समिति का पंजीकरण आवास विकास परिषद में हुआ था। समिति ने डूंडाहेड़ा से लगी करीब 63 बीघा जमीन 88 रुपये के गज के हिसाब से खरीदी। आवास विकास परिषद को इस जमीन पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के बाद समितियों को जमीन पर अधिग्रहण देना था लेकिन विभाग यहां कोई सुविधा नहीं दे सका। वहीं इन वर्षों में यह जमीन भू माफिया ने कब्जा ली। आरोप है कि समिति के ही कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी और विभागीय तत्कालीन अधिकारियों ने मिलकर जमीन भू माफिया के हाथों बेच दी, लेकिन लोगों को जमीन पर कब्जा नहीं दिया। भू-माफिया के कब्जे में जमीन आने के बाद लोग डर गए लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद लोगों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की, इसके बाद मामले पर जांच बिठाई गई। बाद में मालूम हुआ कि यह जमीन नोएडा प्राधिकरण ने अधिग्रहित कर ली है लेकिन अब तक समिति सदस्यों को मुआवजा नहीं मिल सका है। वर्तमान में इस जमीन की कीमत 45 करोड़ में आंकी जा रही है। अब हाल ही में लोगों ने एक बार फिर से केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से इस मामले की शिकायत कर इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

इनसेट
समिति में भी 415 लोग बचे 336
बुद्धिसिंह का कहना है कि जब समिति गठित हुई थी तब इसमें 415 सदस्य बनाए गए थे, लेकिन वर्तमान में 336 सदस्य ही हैं। समिति सदस्यों में अधिकतर लोग हिमाचल प्रदेश के ही हैं और स्थानीय महज 56 लोग हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
क्या बोले अधिकारी
समिति की शिकायत पर जांच चल रही है, लेकिन समिति के सचिव व अध्यक्ष इसमें सहयोग नहीं करते जिसकी वजह से परेशानी हो रही है। भू-माफिया के कब्जे में जमीन आ गई थी बाद में इस जमीन को नोएडा प्राधिकरण ने अधिग्रहित किया, लेकिन अब यह जमीन न तो नोएडा प्राधिकरण के पास है और न ही समिति सदस्यों के पास है। समिति के सदस्य जमीन से संबंधित जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा पा रहे, जिसकी वजह से जांच में परेशानी आ रही है। लोग एकजुट होकर आएं और साक्ष्य दिखाएं इस पर अग्रिम कार्रवाई संभव है। अरिवर्धन गौड़, सहकारी समिति प्रभारी, आवास विकास परिषद वसुंधरा
--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed