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Ghaziabad News: आपदा से निपटने का ज्ञान नहीं, इमरजेंसी में भी बेखबर मिला स्टाफ

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:30 AM IST
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Lack of knowledge on handling disasters; staff found unprepared even during an emergency.

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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति है। बुधवार को कायाकल्प योजना के तहत निरीक्षण करने पहुंची तीन सदस्यीय टीम को आपदा प्रबंधन से जुड़े सवालों पर अधिकारी और कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ भी जरूरी जानकारियां देने में नाकाम रहा। आईसीयू में साफ-सफाई की व्यवस्था पर्याप्त नहीं मिलने पर टीम ने नाराजगी जताई। दवा स्टोर में भी कई खामियां मिलीं। पैथोलॉजी लैब में नमूनों की जांच प्रक्रिया को बारीकी से परखा गया। निरीक्षण में अस्पताल की व्यवस्थाओं और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर सवाल उठे।
स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. बीएस कल्याणी के नेतृत्व में बागपत के डॉ. चैतन्य देव जैन और अमेठी के डॉ. विनोद यादव ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। टीम ने इमरजेंसी, ब्लड बैंक, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, मुख्य दवा स्टोर और रसोईघर सहित विभिन्न अनुभागों की व्यवस्थाएं परखीं। साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, दवाओं के रखरखाव और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया।
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निरीक्षण के दौरान दवा स्टोर में जगह की कमी के कारण स्प्रिट और जीवन रक्षक दवाइयों का भंडारण एक ही जगह किए जाने का मामला सामने आया। टीम ने इस पर नाराजगी जताते हुए सुधार के सुझाव दिए। ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की रोकथाम के इंतजामों का भी मूल्यांकन किया गया। आपदा प्रबंधन की जानकारी और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों से जुड़े सवालों पर कर्मचारियों के जवाब संतोषजनक नहीं रहे।
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70 प्रतिशत अंक पर प्रोत्साहन राशि का प्रावधान
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों में साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने और विभागीय कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाता है। मूल्यांकन में 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर प्रति बेड 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। इस राशि का उपयोग अस्पताल के प्रबंधन और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाता है। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. राकेश कुमार, डॉ. चरन सिंह, डॉ. संतराम वर्मा, डॉ. एके विश्वकर्मा, मैनेजर डॉ. आरती, मैटर्न सुनीता और स्टाफ नर्स आकांक्षा मौजूद रहीं।
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