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Ghaziabad News: मजदूर की बेटी ज्योति मिश्रा ने स्मार्ट फोन से की ऑनलाइन पढ़ाई

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 26 Apr 2023 12:58 AM IST
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Laborer's daughter Jyoti Mishra did online studies from smart phone
मजदूर की बेटी ज्योति मिश्रा ने स्मार्ट फोन से की ऑनलाइन पढ़ाई
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साहिबाबाद। हाई स्कूल में जनपद में दूसरे स्थान पर रही कैलाशवती इंटर काॅलेज की छात्रा ज्योति मिश्रा ने 94.17 प्रतिशत अंक हासिल किया है। सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने वाली ज्योति के पिता ने इसी साल अपनी बेटियों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्ट फोन खरीद कर दिया था। इस फोन का ज्योति व उसकी बहन शिखा दोनों अलग-अलग समय में अपनी तैयारी के लिए प्रयोग करती थीं। तीन भाई बहनों में ज्योति दूसरे स्थान पर है, उनकी बड़ी बहन शिखा कैलाशवती इंटर काॅलेज से ही बारहवीं में 75 प्रतिशत अंक हासिल कर सफल रही है। ज्योति ने बताया कि वह अब गणित विषय से आगे की पढ़ाई करेंगी और उनका उद्देश्य सरकारी सेवा में जाना है। ज्योति ने बताया कि वह स्कूल के अलावा घर पर चार से पांच घंटे की पढ़ाई करती थीं। मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले गोविंद मिश्रा एक निजी कंपनी में वेल्डिंग का काम करते हैं। पत्नी गुंजन गृहणी हैं।







वेल्डर की बेटी पिंकी ने जनपद में पाया तीसरा स्थान

मुरादनगर। भिक्कनपुर गांव स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल की छात्रा पिंकी ने दसवीं में 94.17 अंक के साथ जनपद में तीसरा स्थान प्राप्त किया। पिंकी एयरफोर्स में पायलट बनना चाहती है। पिता अनिल कुमार की दुहाई में वेल्डिंग की दुकान है। मां कांता देवी गृहणी हैं। भाई और बहनों में पिंकी सबसे छोटी हैं। पिंकी ने बताया कि रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की। पढ़ाई में कोई परेशानी आने पर शिक्षकों ने पूरी मदद की। सफलता का श्रेय माता पिता और शिक्षकों को देती हैं। उनका लक्ष्य सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी कर आईएएस बनने का है।
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टॉप- चार

रश्मि

94 प्रतिशत

हाईस्कूल में जिले में चौथा स्थान

स्कूल: महार्षि दयानंद विद्यापीठ

माता-पिता: कुसुम देवी, बलजीत सिंह, पिता पेट्रोलपंप कर्मी

सफलता का मंत्र: खुद पर भरोसा

लक्ष्य: व्यवसाय

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टॉप-पांच

गुड़िया
93.83 प्रतिशत

हाईस्कूल में जिले में पांचवां स्थान

स्कूल: कान्ती मेमोरियल इंटर कॉलेज, नायफल
माता-पिता: चिंता देवी, राजू कुमार गुप्ता

सफलता का मंत्र: कड़ी मेहनत

लक्ष्य: डॉक्टर





टॉप-छह

ऋत्विक

93.6 प्रतिशत

हाईस्कूल में जिले में छठा स्थान

स्कूल: महार्षि दयानंद विद्यापीठ

माता-पिता: गुड्डी, सतीश कुमार, पिता मजदूर हैं

सफलता का श्रेय: स्कूल के शिक्षकों को

सफलता का मंत्र: मन लगाकर पढ़ाई करना

लक्ष्य: इंजीनियर





टॉप-सात

जिया रावत

93.3 प्रतिशत

हाईस्कूल में जिले में सातवां स्थान

स्कूल: महार्षि दयानंद विद्यापीठ

माता-पिता: अर्चना रावत, लक्ष्मण सिंह रावत, पिता निजी कंपनी में कार्यरत हैं

सफलता का श्रेय: शिक्षकों और अभिभावकों को

सफलता का मंत्र: ज्यादा तनाव नहीं लेना चाहिए

लक्ष्य: इंजीनियर





टॉप-आठ

टीना चौधरी

हाईस्कूल, 93 प्रतिशत

स्कूल: होली मदर इंटर कॉलेज इंदिरापुरी लोनी

पिता: भूपेंद्र सिंह

सफलता का मंत्र: ईमानदारी से की गई मेहनत

लक्ष्य: डॉक्टर बनना





टॉप-नौ

आंचल

92.50 प्रतिशत

हाईस्कूल में जिले में नौवां स्थान

स्कूल: पूर्ण ज्ञानांजलि इंटर कॉलेज, मुरादनगर

माता-पिता: सोनू, नरेश कुमार, प्राइवेट कंपनी में कर्मचारी है

सफलता का श्रेय: शिक्षकों को

सफलता का मंत्र: नोट्स बनाकर पढ़ाई करना

लक्ष्य: आईएएस बनना





टॉप-10

अवनीश

हाईस्कूल 92.33

स्कूल: डॉ. केएन मोदी साइंस एंड कॉमर्स

माता-पिता: मंजू और सुभाषचंद, पिता पुताई करते हैं।

सफलता का मंत्र: सोशल मीडिया से दूरी

लक्ष्य: आईएएस बनना



टॉप-10

आनिया चौधरी

हाईस्कूल 92.33 प्रतिशत

स्कूल: पीबीएएस गल्र्स इंटर कॉलेज

पिता- विपिन चौधरी किसान

सफलता का मंत्र: 10 से 11 घंटे पढ़ाई

लक्ष्य: प्रशासनिक सेवा में जाना







इंटरमीडिएट





टॉप-दो

राजमिस्त्री के बेटे प्रशांत ने जनपद में पाया दूसरा स्थान

राजमिस्त्री पिता के बेटे प्रशांत ने इंटरमीडिएट में 94.40 प्रतिशत अंक हासिल कर जनपद में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मूलरूप से अनूपशहर के रहने वाले प्रशांत लाल कुआं की कृष्णा विहार कॉलोनी में रहते हैं। वह एमएमएचवी इंटर कॉलेज के छात्र हैं। प्रशांत ने बताया कि पिता प्रदीप कुमार राजमिस्त्री का काम कर परिवार का पालन-पोषण और माता अनिता देवी भी एक निजी कंपनी में मजदूरी करती हैं। रसायन विज्ञान और गणित की पढ़ाई स्कूल के अलावा यूट्यूब से की है। परीक्षा के समय वह रोजाना पांच से छह घंटे की पढ़ाई करते थे। स्कूल में भी रोजाना क्लास लेते थे। मेहनत का नतीजा है कि उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया है। वह अपनी कामयाबी का श्रेय शिक्षक और माता-पिता को देते हैं। वह इंजीनियर बन देश की सेवा करना चाहते हैं।
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टॉप-तीन

लकड़ी कारीगर के बेटे रिहान ने जिले में पाया तीसरा स्थान
लकड़ी कारीगर के बेटे रिहान सैफी ने इंटरमीडिएट में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर जनपद में तीसरा स्थान हासिल किया है। रिहान के पिता सलीम सैफी क्षेत्र में ही लकड़ी से दरवाजे और अन्य सामान बनाने का कार्य करते हैं। रिहान की दो बड़ी बहनें हैं। रोजाना सात से आठ घंटे की पढ़ाई कर सफलता हासिल की। स्कूल में शिक्षकों की ओर से बनवाए गए नोट्स की मदद से तैयारी की। रिहान का लक्ष्य इंजीनियर बनने का है।





टॉप-चार

छवि

इंटर 92.20 प्रतिशत

स्कूल: आदर्श कन्या इंटर कॉलेज

माता-पिता: सुनीता देवी, गजेंद्र, शिक्षा विभाग में कार्यालय सहायक

सफलता का मंत्र: नियमित पढ़ाई शिक्षकों का मार्गदर्शन

लक्ष्य: सफल इंजीनियर बनना





टॉप-पांच

दिव्या

इंटर, 91.8 प्रतिशत

स्कूल: सरदार पटेल सीनियर सेकेंड्री स्कूल लोनी

माता-पिता: तारा देवी, सुरेंद्र कुमार

सफलता का मंत्र: सोशल मीडिया से दूरी बनाकर की गई पढ़ाई

लक्ष्य: डॉक्टर बनना



टॉप-पांच

निधि

इंटर 91.80 प्रतिशत

स्कूल: रुक्मणी मोदी इंटर कॉलेज, मोदीनगर

पिता: तेजवीर किसान

सफलता का मंत्र: सोशल मीडिया से दूरी, आठ घंटे पढ़ाई

लक्ष्य : सिविल सेवा में जाना


टॉप: छह

शरद कुमार

इंटर 91.40

स्कूल: डॉ. केएन मोदी सांइस एंड कॉमर्स इंटर कॉलेज

पिता: राजकुमार शिक्षण संस्थान में क्लर्क

सफलता का श्रेय: माता पिता एवं अध्यापक

सफलता का मंत्र: नियमित पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी

लक्ष्य: इंजीनियर बनना





टॉप-सात

आर्यन कुमार

इंटर 91.20

स्कूल: राजकीय आयुध निर्माणी फैक्टरी इंटर कॉलेज

माता-पिता: ऊषा और योगेंद्र कुमार, पिता चिनाई मिस्त्री का काम

सफलता का मंत्र: रोजाना सात घंटे पढ़ाई

लक्ष्य: आईएएस बनना





टॉप-नौ

अरमान

इंटर, 90.60 प्रतिशत

स्कूल: रहनुमा ए कौम इस्लामिया कॉलेज नाहल

माता-पिता: सायरा बानो, डॉ. कामिल

सफलता का मंत्र: सेल्फ स्टडी और तनाव रहित पढ़ाई

लक्ष्य: डॉक्टर बन लोगों की सेवा करना



टॉप : 10

मोहम्मद आसिम खान

स्कूल : जीसी पब्लिक इंटर कालेज

माता-पिता: सबा खान, मोहम्मद आलम खान

सफलता का श्रेय : माता पिता एवं अध्यापक

सफलता का मंत्र : निरंतर अभ्यास, स्वयं पर भरोसा

लक्ष्य: डॉक्टर बनना

टिप्स: लक्ष्य बनाकर तैयारी करें और उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर अभ्यास करें।
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