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Ghaziabad News: मोदीनगर में पिछड़ने से टूटा था जयंत का बागपत से जीत का सपना

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2024 01:21 AM IST
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Kshatriyas won seven out of eight elections, yet this time there was shortage of tickets.
- दादा और पिता से विरासत में मिली सीट से संसद नहीं पहुंच सके, इस बार चुनाव मैदान में ही नहीं
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- 36,734 वोटों से मोदीनगर में पिछड़े थे जयंत चौधरी
- 23,512 वोटों से जीते थे भाजपा के डाॅ. सत्यपाल सिंह
5,25,789 वोट मिले थे सत्यपाल सिंह को।
5,02,287 वोट हासिल किए थे जयंत चौधरी ने


गाजियाबाद। बागपत लोकसभा सीट पर 2019 का मुकाबला पश्चिम यूपी के लोगों को आज भी याद है। हो भी क्यों न। यह टक्कर ही इतने कांटे की थी कि हार-जीत का अनुमान लगाना आसान नहीं था। एक तरफ रालोद से दादा चौधरी चरण सिंह और पिता चौधरी अजित सिंह की विरासत को सहेजने के लिए जयंत चौधरी मैदान में थे तो दूसरी ओर 2014 में दो लाख से ज्यादा वोटों से जीत चुके भाजपा के डाॅक्टर सत्यपाल सिंह। जाट वोटर भाजपा और रालोद में बंट गए थे। इस मुकाबले में जीत मिली सत्यपाल सिंह को। इसकी बड़ी वजह रही जयंत चौधरी का मोदीनगर विधान सभा क्षेत्र में 36 हजार से ज्यादा वोटों से पिछड़ जाना।
2009 में हुए परिसीमन के बाद से बागपत लोकसभा सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं छपरौली, बड़ौत, बागपत, मोदीनगर और सिवालखास। इनमें छपरौली, बागपत और बड़ौत बागपत जिले में है। मोदीनगर गाजियाबाद में और सिवालखास मेरठ में। इनमें मोदीनगर रालोद की कमजोर कड़ी रहा है।
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2014 के चुनाव में भी सत्यपाल सिंह को बंपर बढ़त मिली थी। तब मुकाबले में रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह थे। 2019 के मुकाबले में जयंत का जीत का सपना टूटने की वजह भी मोदीनगर में पिछड़ना ही रही। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि जयंत की हार 23,512 वोटों से हुई जबकि मोदीनगर में पिछड़े थे 36,734 वोट से। छपरौली और सिवालखास में जयंत चौधरी को बढ़त मिली थी। हालांकि, मोदीनगर में पिछड़ने के मुकाबले दोनों जगह की बढ़त छोटी थी। इस बार भाजपा और रालोद का गठबंधन है। जयंत चौधरी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। बागपत से उन्होंने राजकुमार सांगवान को टिकट दिया है।
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पहले पिता फिर पुत्र को हराया

बागपत सीट पर सत्यपाल सिंह के नाम अनूठा रिकाॅर्ड है। उन्होंने पहले 2014 में चौधरी अजित सिंह को हराया। इसके बाद 2019 में अजित सिंह की विरासत संभाल रहे उनके बेटे जयंत चौधरी को शिकस्त दी। पिछले चुनाव में अजित सिंह चुनाव लड़ने के लिए मुजफ्फरनगर चले गए। इस बार भाजपा और रालोद का गठबंधन हो जाने की वजह से सत्यपाल सिंह चुनाव मैदान में नहीं है। बागपत सीट रालोद कोटे में गई है।

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वि.स. क्षेत्र सत्यपाल सिंह जयंत चौधरी



मोदीनगर 1,27,239, 90,505



छपरौली 92,600 1,05,742



बड़ौत 99,175 84,794



बागपत 1,07,327 91,690



सिवालखास 99,175 84,794



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डाक मत 6,158 1,493
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