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Ghaziabad News: दूधेश्वरनाथ मंदिर में 24 घंटे होगा जलाभिषेक
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गाजियाबाद। सावन के पहले सोमवार पर दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, एक से दो लाख श्रद्धालु भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर सकते हैं। भक्तों की सुविधा को देखते हुए रविवार रात 12 बजे से सोमवार रात 12 बजे तक जलाभिषेक की व्यवस्था की गई है। इस दौरान मंदिर में आठ प्रहर विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन होगा।
मंदिर के पीठाधीश्वर नारायण गिरि महाराज ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि इस बार सावन का पहला सोमवार चार शुभ योगों (प्रीति, आयुष्मान, सुकर्मा और शिव) के संयोग के कारण विशेष माना जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन योगों में पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि और कल्याण की प्राप्ति होती है।
मंदिर के मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि मंदिर के कपाट 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। दोपहर की आरती के बाद भगवान दूधेश्वर को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। श्री दूधेश्वर शृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल और उनकी टीम की ओर से भगवान का भव्य शृंगार किया जाएगा। श्री दूधेश्वर वेद विद्या संस्थान के आचार्य तोयराज उपाध्याय, आचार्य लक्ष्मीकांत पाढ़ी, मंदिर प्रबंधक अमित कुमार शर्मा और शंकर झा की ओर से रुद्राभिषेक कराया जाएगा।
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रातभर होंगे अनुष्ठान
एसआर सुथार ने बताया कि सबसे पहले पीठाधीश्वर नारायण गिरि महाराज भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। रात दो बजे मोहित और उनकी टीम भगवान दूधेश्वर का भव्य शृंगार करेगी। रात साढ़े तीन बजे प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी, दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि धूप आरती और दीप आरती करेंगे।
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मंदिर के पीठाधीश्वर नारायण गिरि महाराज ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि इस बार सावन का पहला सोमवार चार शुभ योगों (प्रीति, आयुष्मान, सुकर्मा और शिव) के संयोग के कारण विशेष माना जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन योगों में पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि और कल्याण की प्राप्ति होती है।
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मंदिर के मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि मंदिर के कपाट 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। दोपहर की आरती के बाद भगवान दूधेश्वर को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। श्री दूधेश्वर शृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल और उनकी टीम की ओर से भगवान का भव्य शृंगार किया जाएगा। श्री दूधेश्वर वेद विद्या संस्थान के आचार्य तोयराज उपाध्याय, आचार्य लक्ष्मीकांत पाढ़ी, मंदिर प्रबंधक अमित कुमार शर्मा और शंकर झा की ओर से रुद्राभिषेक कराया जाएगा।
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रातभर होंगे अनुष्ठान
एसआर सुथार ने बताया कि सबसे पहले पीठाधीश्वर नारायण गिरि महाराज भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। रात दो बजे मोहित और उनकी टीम भगवान दूधेश्वर का भव्य शृंगार करेगी। रात साढ़े तीन बजे प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी, दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि धूप आरती और दीप आरती करेंगे।