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Ghaziabad News: व्हाट्सएप पर चला रहे थे आईपीएल में सट्टाबाजी का धंधा
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गाजियाबाद। आईपीएल मैच में टीम व खिलाडिय़ों पर सट्टा लगाने वाले गिरोह का कविनगर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के छह सटोरियों को गिरफ्तार किया है। ये अलग-अलग एप डाउनलोड करके सट्टा लगाते हैं और पेटीएम पर एक वॉलेट आईडी में रकम डलाते हैं। हारने पर वॉलेट में जमा रकम में से रकम कट जाती है। गिरोह के तार दिल्ली से जुड़े हैं। जिसकी तलाश के लिए पुलिस जांच कर रही है।
डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए सटोरी नेहरू नगर निवासी विपिन लुथरा, पंचवटी कॉलोनी निवासी दिनेश कुमार गोयल उर्फ धन्नू, महेंद्र एन्क्लेव निवासी अनिल चौधरी, श्रीराम अपार्टमेंट निवासी सौरभ धींगरा, विजयनगर निवासी गौरव यादव और जटवाड़ा निवासी प्रिंस चौधरी हैं। सभी 10वीं व 12वींं पास हैं। पूछताछ में इन्होंने बताया कि ये दिल्ली के एक व्यक्ति के जरिये आईपीएल में सट्टा लगाते हैं। डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के तार दिल्ली तक जुड़े हैं। गिरोह के अन्य सटोरियों की तलाश के लिए तार जोड़ेजा रहे हैं। जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। पकड़े गए सटोरियों के पास से 83 हजार की नकदी और आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
डेढ़ प्रतिशत का लेते थे कमीशन
डीसीपी नगर ने बताया पूछताछ में पता चला ये लोगों से व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिये लोगों किस टीम व खिलाड़ी पर सट्टा लगाना है इसकी जानकारी देते थे। अगर वह हार जाता था तो उससे डेढ़ प्रतिशत का कमीशन लेते थे।
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यूपी बॉर्डर पर होता था लेन-देन
पूछताछ में सटोरियों ने बताया कि दिल्ली निवासी जिस व्यक्ति के जरिये ये गिरोह का संचालन कर रहे थे। हारने व जीतने की रकम का ये यूपी बॉर्डर पर आकर लेन-देन करते हैं।
कम से कम पांच हजार वॉलेट में देने पर लगवाते थे सट्टा
पूछताछ में सामने आया है कि सट्टा लगवाने वाले गिरोह ने अपना एक वॉलेट बनाया हुआ है। सटोरी लिंक के जरिये लोगों को जोड़कर वॉलेट से कनेक्ट करते हैं। जिसमें कम से कम सट्टा लगाने के लिए पांच हजार रुपये डलवाते हैं। सट्टेबाज एक बॉल से लेकर पूरे मैच पर रुपये लगवाता हैं।
चार व्हाट्सएप ग्रुपों में 500 लोग जुड़े मिले
सटोरियों के पास से बरामद मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को चार ग्रुप व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं। जिसमें करीब 500 से ज्यादा लोग जुड़े मिले। सभी ग्रुप में मैच की हर गतिविधि के बारे में जानकारी दी जका रही थी। जिससे ये लोगों से टीम और खिलाड़ी के रन, विकेट, रनरेट पर रुपये लगवा रहे थे।
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डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए सटोरी नेहरू नगर निवासी विपिन लुथरा, पंचवटी कॉलोनी निवासी दिनेश कुमार गोयल उर्फ धन्नू, महेंद्र एन्क्लेव निवासी अनिल चौधरी, श्रीराम अपार्टमेंट निवासी सौरभ धींगरा, विजयनगर निवासी गौरव यादव और जटवाड़ा निवासी प्रिंस चौधरी हैं। सभी 10वीं व 12वींं पास हैं। पूछताछ में इन्होंने बताया कि ये दिल्ली के एक व्यक्ति के जरिये आईपीएल में सट्टा लगाते हैं। डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के तार दिल्ली तक जुड़े हैं। गिरोह के अन्य सटोरियों की तलाश के लिए तार जोड़ेजा रहे हैं। जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। पकड़े गए सटोरियों के पास से 83 हजार की नकदी और आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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डेढ़ प्रतिशत का लेते थे कमीशन
डीसीपी नगर ने बताया पूछताछ में पता चला ये लोगों से व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिये लोगों किस टीम व खिलाड़ी पर सट्टा लगाना है इसकी जानकारी देते थे। अगर वह हार जाता था तो उससे डेढ़ प्रतिशत का कमीशन लेते थे।
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यूपी बॉर्डर पर होता था लेन-देन
पूछताछ में सटोरियों ने बताया कि दिल्ली निवासी जिस व्यक्ति के जरिये ये गिरोह का संचालन कर रहे थे। हारने व जीतने की रकम का ये यूपी बॉर्डर पर आकर लेन-देन करते हैं।
कम से कम पांच हजार वॉलेट में देने पर लगवाते थे सट्टा
पूछताछ में सामने आया है कि सट्टा लगवाने वाले गिरोह ने अपना एक वॉलेट बनाया हुआ है। सटोरी लिंक के जरिये लोगों को जोड़कर वॉलेट से कनेक्ट करते हैं। जिसमें कम से कम सट्टा लगाने के लिए पांच हजार रुपये डलवाते हैं। सट्टेबाज एक बॉल से लेकर पूरे मैच पर रुपये लगवाता हैं।
चार व्हाट्सएप ग्रुपों में 500 लोग जुड़े मिले
सटोरियों के पास से बरामद मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को चार ग्रुप व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं। जिसमें करीब 500 से ज्यादा लोग जुड़े मिले। सभी ग्रुप में मैच की हर गतिविधि के बारे में जानकारी दी जका रही थी। जिससे ये लोगों से टीम और खिलाड़ी के रन, विकेट, रनरेट पर रुपये लगवा रहे थे।