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Ghaziabad News: कनाडा, अमेरिका का वीजा दिलवाने का झांसा देकर गैंग में युवाओं को शामिल कर रहे हैं अंतरराष्ट्रीय गैंग
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गाजियाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय गैंग लालच देकर युवाओं को अपने साथ मिला रहे हैं। विदेश लेकर जाने, गैंग के बड़े नामों से मुलाकात समेत कई प्रकार से युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। साथ ही यह गैंग अलग-अलग हैंडलर की मदद से अजरबैजान और अमेरिका से नियंत्रित किए जाते हैं। यह जानकारी एसटीएफ की इस गैंग को लेकर चल रही जांच में सामने आई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक्टिव हुए गैंग के बाद एसटीएफ इससे जुड़े लोगों की कुंडली खंगाल रही है। इसमें 28 सदस्यों पर नजर रखी जा रही थी। इस जांच में और भी युवाओं की जानकारी पुलिस को मिली है, जो इन गैंग के लोगों के संपर्क में हैं।
एसटीएफ की नोएडा यूनिट के एसपी राजकुमार मिश्र ने बताया कि गैंग के संपर्क वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। इसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ रही हैं। इन गैंग का लोकल सपोर्ट रडार पर है। अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।
छोटे क्राइम करवा फंसाते हैं
सूत्रों के अनुसार, गैंग सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं से संपर्क करता है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों पर इनकी नजर रहती है, जहां लोकल सदस्य युवाओं से संपर्क कर उन्हें गैंग के लिए खुद को साबित करने का टास्क देते हैं। इसमें घरों के बाहर फायरिंग, लूट जैसे कार्य कराए जाते हैं। इसके बाद उनके केस में बचाने के साथ उन्हें कनाडा, अमेरिका और दूसरे देशों का वीजा काम पूरा होने के बाद देने का झांसा दिया जाता है। एसटीएफ एसपी ने बताया कि इस प्रकार की जानकारी मिली है। इन पर अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।
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स्थान की लोकेशन पर भेज दिए जाते हैं हथियार
जांच में सामने आया है कि गैंग की तरफ से दिए जाने वाले हथियार सीधे नहीं दिए जाते हैं। अजरबैजान और अमेरिका में बैठे हैंडलर से एक लोकेशन लोकल स्तर पर काम कर रहे सदस्य को दी जाती है। इसकी लोकेशन काम के लिए तैयार हुए युवा को दे दी जाती है, जहां वह दी गई लोकेशन से हथियार लेता है। यह लोकेशन किसी मैदान में मिट्टी के नीचे से हथियार निकालने वाली भी होती है।
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एसटीएफ की नोएडा यूनिट के एसपी राजकुमार मिश्र ने बताया कि गैंग के संपर्क वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। इसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ रही हैं। इन गैंग का लोकल सपोर्ट रडार पर है। अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।
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छोटे क्राइम करवा फंसाते हैं
सूत्रों के अनुसार, गैंग सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं से संपर्क करता है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों पर इनकी नजर रहती है, जहां लोकल सदस्य युवाओं से संपर्क कर उन्हें गैंग के लिए खुद को साबित करने का टास्क देते हैं। इसमें घरों के बाहर फायरिंग, लूट जैसे कार्य कराए जाते हैं। इसके बाद उनके केस में बचाने के साथ उन्हें कनाडा, अमेरिका और दूसरे देशों का वीजा काम पूरा होने के बाद देने का झांसा दिया जाता है। एसटीएफ एसपी ने बताया कि इस प्रकार की जानकारी मिली है। इन पर अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।
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स्थान की लोकेशन पर भेज दिए जाते हैं हथियार
जांच में सामने आया है कि गैंग की तरफ से दिए जाने वाले हथियार सीधे नहीं दिए जाते हैं। अजरबैजान और अमेरिका में बैठे हैंडलर से एक लोकेशन लोकल स्तर पर काम कर रहे सदस्य को दी जाती है। इसकी लोकेशन काम के लिए तैयार हुए युवा को दे दी जाती है, जहां वह दी गई लोकेशन से हथियार लेता है। यह लोकेशन किसी मैदान में मिट्टी के नीचे से हथियार निकालने वाली भी होती है।